एसआईआर के तहत जारी किए जा रहे नोटिसों पर कांग्रेस ने जतायी आपत्ति
मतदाताओं को परेशान करने का आरोप लगाया
जारी किए जा रहे नोटिसों में कारण का उल्लेख तक नहीं किया जा रहा है
फॉर्म-7 का दुरूपयोग रोकने के लिए वेरिफेकशन किया जाए-आलोक शर्मा
हरिद्वार। एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाताओं को जारी किए जा रहे नोटिसों पर कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए मतदाताओं को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को बिना स्पष्ट कारण बताए नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिससे आम लोगों में भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पूरे प्रदेश में खलबली मची हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में चल रहे एसआईआर अभियान के दौरान सामने आ रही समस्याओं के बावजूद निर्वाचन आयोग आवश्यक सुधार नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कई नोटिसों में त्रुटि का कारण तक का उल्लेख नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को भी नोटिस मिला है और हरिद्वार जिले के लक्सर विधानसभा क्षेत्र के एक बूथ पर ही 800 से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं। आलोक शर्मा ने आरोप लगाया कि दो माह तक चली निर्वाचन आयोग की कवायद के बाद इस तरह के नोटिस जारी होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि हरिद्वार जिले में कुछ स्थानों पर बीएलओ की सहमति के बिना मतदाता बनाए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। उन्होंने बीएलओ से बिना किसी के दबाव में आए बिना काम करने की अपील करते हुए कहा कि बीएलओ की सहमति के बिना नए वोट ना बनाए जाएं। साथ ही फॉर्म-7 का दुरूपयोग रोकने के लिए फॉर्म लेने वाले व्यक्ति वेरिफिकेशन किया जाए। फॉर्म-7 के दुरूपयोग की जांच जिलाधिकारी स्वयं करें। उन्होंने भाजपा समर्थक नहीं माने जाने वाले मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया और प्रशासन एवं निर्वाचन आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह ने कहा कि बिना किसी स्पष्ट त्रुटि का उल्लेख किए मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे लोग अनावश्यक रूप से परेशान हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन प्रशासन की कार्यप्रणाली से मतदाताओं में असुरक्षा और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनोज सैनी ने भी निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। पूर्व राज्य मंत्री हाजी नईम कुरैशी ने बताया कि उनकी पुत्र वधु जो कि निर्वाचित पार्षद हैं। उन्हें भी नोटिस जारी किया गया है। नोटिस की भाषा भी बेहद आपत्तिजनक है। निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए। नईम कुरैशी ने एसआईआर के नाम पर एक खास वर्ग को टारगेट करने का आरोप भी लगाया। प्रदेश महासचिव एडवोकेट फुरकान अली और पार्षद अरशद ख्वाजा ने कहा कि नोटिस जारी होने और सही जानकारी नहीं मिलने से लोग परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। पत्रकार वार्ता में नईम कुरैशी, फुरकान अली, विकास चंद्रा, अरशद ख्वाजा, कैलाश प्रधान सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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