राष्ट्रीय लोक अदालत का हुआ आयोजन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,रुद्रप्रयाग के तत्वावधान में माननीय अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,रुद्रप्रयाग श्रीमती नीना अग्रवाल के मार्गदर्शन में शनिवार को जनपद न्यायालय,रुद्रप्रयाग एवं बाह्य न्यायालय, ऊखीमठ में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित एवं प्री.लिटिगेशन स्तर के वादों का आपसी सुलह.समझौते के माध्यम से त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण कर पक्षकारों को शीघ्र एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना रहा।
राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,रुद्रप्रयाग की सिविल जज (सी०डि०)/ सचिव श्रीमती पायल सिंह, द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों से संबंधित प्री.लिटिगेशन वादों के कुल 66 मामलों का पक्षकारों के मध्य आपसी सुलह.समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया तथा कुल ₹31,27,800/- की समझौता राशि वसूल की गई।
पीठ संख्या.01 माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,रुद्रप्रयाग श्रीमती नीना अग्रवाल एवं अधिवक्ता/सदस्य श्री उदय सिंह जगवाण की पीठ संख्या.01 द्वारा कुल 16 वादों का निस्तारण किया गया। उक्त वादों में पक्षकारों के मध्य आपसी सुलह.समझौते के आधार पर कुल ₹24,54,500/- की समझौता राशि वसूल की गई।
पीठ संख्या.02 श्रीमान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,रुद्रप्रयाग श्री अमित कुमार एवं अधिवक्ता/सदस्य श्री प्यार सिंह नेगी की पीठ संख्या.02 द्वारा कुल 68 वादों का निस्तारण किया गया। इन वादों में कुल ₹11,54,442/- की समझौता राशि वसूल की गई।
पीठ संख्या.03 श्रीमान सिविल जज (जू०डि०)/न्यायिक मजिस्ट्रेट, बाह्य न्यायालय, उखीमठ श्री सन्तोष पच्छिमी एवं अधिवक्ता/सदस्य श्री सुधीर कुमार शुक्ला की पीठ संख्या.03 द्वारा कुल 03 वादों का निस्तारण किया गया। उक्त वादों में कुल ₹2,70,000/- की समझौता राशि वसूल की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत का समग्र परिणाम इसके अतिरिक्त,आज आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के कुल 153 वादों का निस्तारण किया गया तथा कुल ₹70,06,742/- की समझौता राशि वसूल की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में अपने विवादों का समाधान प्राप्त करने का अवसर मिला।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि लोक अदालत विवादों के वैकल्पिक समाधान का एक प्रभावी एवं सरल माध्यम हैए जिसमें पक्षकारों के मध्य आपसी सहमति के आधार पर विवादों का निस्तारण किया जाता है। इससे न केवल पक्षकारों के समय एवं धन की बचत होती है, बल्कि न्यायालयों में लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण में भी सहायता मिलती है।
सफल आयोजन में विभिन्न विभागों का सहयोग राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल एवं सुचारू संचालन में विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं द्वारा महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। विशेष रूप से परिवहन विभाग, रुद्रप्रयाग,संभागीय परिवहन अधिकारी श्री धर्मेन्द्र बिष्ट,पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, बार एसोसिएशन, रुद्रप्रयाग के समस्त अधिवक्ताओं तथा न्यायालय में कार्यरत वरिष्ठ सहायक कमलेश नेगी सहित समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सक्रिय सहयोग प्रदान किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,रुद्रप्रयाग द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले सभी विभागों,अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों एवं न्यायालय कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आमजन से अपील की गई कि वे अपने लंबित अथवा संभावित विवादों के शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु लोक अदालत एवं विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं।

More Stories
ऑपरेशन प्रहार के तहत हरिद्वार पुलिस का नशे के सौदागरों पर करारा प्रहार
नशा तस्करों के विरुद्ध हरिद्वार पुलिस की कार्रवाई
ऋषिकुल स्नातक एवं स्नातकोत्तर एसोसिएशन की कार्यकारिणी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय