अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय, उत्तराखण्ड में पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ द्वारा अभिसूचना एवं सुरक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महानिदेशक अभिसूचना/ सुरक्षा श्री अभिनव कुमार, आईजी एसटीएफ श्री नीलेश आनन्द भरणे, आईजी कार्मिक श्री सुनील कुमार मीणा, आईजी पी0 एण्ड एम/ मुख्यालय श्री बरिंदरजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक, अभिसूचना श्री मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, सुरक्षा/ एटीएस श्रीमती सरिता डोबाल, अपर पुलिस अधीक्षक, क्राइम श्री लोकजीत सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, अभिसूचना/ सुरक्षा श्री अंकुश मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक, सुरक्षा श्री जी.डी. जोशी, पुलिस उपाधीक्षक, अभिसूचना श्री मनोज के.एस.असवाल एवं अन्य अधिकारीगणों के साथ समस्त जनपदों के प्रभारी अभिसूचना ऑनलाइन वीसी के माध्यम से मौजूद रहे ।
बैठक में विचार विर्मश के उपरान्त पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड द्वारा निम्न निर्देश दिए गए—
• आंतकवाद नियंत्रण के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्तर पर संचालित भारत की पहली आंतकवाद निरोधी नीति “प्रहार” को धऱातल पर क्रियान्वित किये जाने पर बल दिया जाये ।
• पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टर बनाने के इनपुट्स एवं उसके साथियों की देशभर में गिरफ्तारियों के दृष्टिगत जनपदों में विशेष सर्तक दृष्टि रखी जाये।
• देश के बडे राज्यों की कार्यप्रणाली और सफल ऑपरेशनों के मॉडल का अध्ययन कर राज्य एटीएस के ऑपरेशनों को उसी उच्च पेशेवर स्तर पर अपग्रेड किया जाए।
• आगामी विधानसभा चुनाव एवं बढ़ती सुरक्षा संवेदनशीलता के दृष्टिगत माo मुख्यमंत्री उत्तराखंड महोदय की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए।
• अंतरराष्ट्रीय सीमाओं (चीन एवं नेपाल सीमा) से सटे जनपदों में संदिग्ध गतिविधियों, सीमा पार से घुसपैठ तथा राष्ट्रविरोधी तत्वों की आवाजाही पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु आईटीबीपी (ITBP), एसएसबी (SSB), सेना, आईबी (IB), राज्य पुलिस एवं एटीएस के शीर्ष अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय ‘इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन बैठक’ आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
• राज्य में लगातार बढ़ रही पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की संख्या तथा वर्तमान में गतिमान चारधाम यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए गए।
• आगामी कुम्भ मेला तथा अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों के निर्बाध एवं सकुशल संचालन हेतु ठोस सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
• आगामी विधानसभा चुनावों तथा विशिष्ट महानुभावों (VVIPs) के प्रस्तावित कार्यक्रमों के दृष्टिगत कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया।
• सभी महत्वपूर्ण आयोजनों व व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक जनशक्ति, तकनीकी उपकरणों और संसाधनों का प्रबंधन समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
• केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति, रणनीति के अन्तर्गत विभिन्न रूपों में सामने आ रही आंतकवाद की चुनौतियों हेतु विशेष प्रयास पर बल दिया गया ।
• आगामी राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा, दीपावली आदि महत्वपूर्ण पर्वों के दृष्टिगत व्याप्त संवेदनशीलता पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिये ।
• राष्ट्रपति द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस को प्रदत्त विशिष्ट प्रतीक चिह्न प्रदान करने हेतु प्रेसिडेंट पुलिस कलर सेरेमनी की तैयारियों के दृष्टिगत आवश्यक निर्देश दिये ।
• आगामी विधानसभा चुनावों, कुंभ मेले और धार्मिक आयोजनों के दृष्टिगत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप्स) पर 24 घंटे सघन निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी भड़काऊ सामग्री या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों को समय रहते चिह्नित कर लिया जाये ।
• संवेदनशील मामलों व सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर फैलने वाली भ्रामक खबरों, छेड़छाड़ किए गए वीडियो/ डीपफेक और अफवाहों का तत्काल आधिकारिक खंडन (Fact-Check) जारी किया जाए।

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