September 19, 2026

युवाओं को राज्य में ही मिलेंगे रोजगार और शिक्षा के अवसर,पलायन रोकने पर सरकार का जोर

*युवाओं को राज्य में ही मिलेंगे रोजगार और शिक्षा के अवसर,पलायन रोकने पर सरकार का जोर।*

*युवा आयोग और डेलीकेटेड अग्निवीर सेल’ से सुरक्षित होगा युवाओं का भविष्य, मुख्यमंत्री।*

*देहरादून में बनाई जा रही देश की 5वीं सबसे बड़ी ‘साइंस सिटी’, हर जिले में खुलेंगे टेक्नोलॉजी सेंटर।*

*काशीपुर । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को काशीपुर में एक निजी होटल में आयोजित युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने विकसित भारत 2047 का एक महान संकल्प देश के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि इस संकल्प को सिद्धि तक पहुँचाने में हमारे युवाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहने वाला है। क्योंकि हमारे युवाओं के पास नया विजन है, आउट-ऑफ-द-बॉक्स थिंकिंग है और सबसे बड़ी बात कुछ कर गुजरने का जुनून है।इसलिए जब भी मुझे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों और युवाओं से मिलने का अवसर मिलता है, मैं उनसे संवाद जरूर करता हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मैं, आपके विचार सुनता हूँ,तो मुझे महसूस होता है कि हमारा आज का युवा कितना जागरूक है, आपको हर विषय की कितनी गहरी समझ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बात मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि अभी हाल ही में हमारी सरकार ने युवाओं से “मेरे सपनों के उत्तराखंड” को लेकर सुझाव मांगे थे।इन सुझावों के माध्यम से विद्यार्थियों ने हमें राज्य के अलग-अलग विषयों को लेकर बहुत ही शानदार आइडियाज दिए।इन सभी विचारों को पढ़कर मेरा ये विश्वास और मजबूत हो गया है कि हमारे उत्तराखंड का भविष्य बेहद ही सुरक्षित और सक्षम हाथों में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उत्तराखंड छोटा राज्य जरूर है, लेकिन हमारे युवाओं के सपने छोटे नहीं है।आज की पीढ़ी तो वैसे भी जेन जी है,जो ना केवल सपने देखती है बल्कि उन सपनों को पूरा करने का साहस भी रखती है।इसलिए चाहे विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य हो या विकसित भारत का आपका योगदान सबसे महत्वपूर्ण होने वाला है।आपमें वो क्षमता है कि आप दुनिया के किसी भी बड़े मंच पर जाकर अपने प्रदेश और अपने देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगे चलकर आपमें से कोई वैज्ञानिक,कोई शिक्षक,कोई खिलाड़ी बनेगा,तो कोई अपना स्टार्टअप शुरू करेगा, लेकिन कई बार अवसरों के अभाव में प्रतिभा पीछे छूट जाती है और मैं भली-भांति समझता हूँ कि जब अवसरों का अभाव होता है, तो एक युवा और उसके परिवार पर क्या बीतती है।इसलिए जब मुझे आपके “मुख्य सेवक” के रूप में काम करने का अवसर मिला, तो मैंने ये संकल्प लिया कि उत्तराखंड का कोई भी होनहार बेटा या बेटी अवसरों के अभाव में पीछे नहीं छूटना चाहिए।इसी दिशा में कदम उठाते हुए हमारी सरकार वर्चुअल क्लासरूम नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है।हमने शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय संचालित किए हैं तथा सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा छात्राओं को नंदा गौरा योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जा रही है। हम चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थी सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि विज्ञान और नई तकनीक को भी समझें।इसी सोच के तहत, हम देहरादून में देश की पाँचवीं साइंस सिटी विकसित कर रहे हैं।प्रदेश में स्टेम लैब्स, साइंस और इनोवेशन से जुड़ी गतिविधियों तथा बाल विज्ञान कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, क्रिएटिविटी और प्रैक्टिकल लर्निंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि उत्तराखंड का हर विद्यार्थी ज्ञान, कौशल और तकनीक से सशक्त होकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो। इसके अलावा हमारा प्रयास है कि हमारे युवा जॉब सीकर के साथ-साथ जॉब क्रिएटर बनने का सपना देखें। इसी दिशा में प्रदेश में स्टार्टअप और नवाचार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।युवाओं को बदलती जरूरतों के अनुसार आधुनिक और डिमांड-बेस्ड स्किल्स से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है।हमारी एक और बड़ी प्राथमिकता है कि युवाओं को बेहतर अवसरों के लिए अपना घर और अपना पहाड़ छोड़ने की मजबूरी न हो,इसी के तहत प्रदेश में लगातार औद्योगिक और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं। खेल के क्षेत्र में भी युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार द्वारा विश्वस्तरीय खेल नीतियां और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन सरकार आपको बेहतर अवसर दे सकती है, संसाधन दे सकती है, प्लेटफॉर्म दे सकती है… लेकिन उन अवसरों को सफलता में बदलना सिर्फ और सिर्फ आपके अपने हाथों में है।इसलिए खूब मेहनत करिए, खूब पढ़ाई करिए और सबसे बढ़कर अपने आप पर विश्वास रखिए,कभी यह मत सोचिए कि आप कोई काम नहीं कर सकते या कोई लक्ष्य आपके लिए बहुत बड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी का जीवन हम सभी के लिए इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण है।उनका जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों,अगर सीखने की इच्छा हो और मेहनत करने का जज्बा हो,तो इंसान अपनी मंजिल तक जरूर पहुंच सकता है।इसलिए अपने सपनों को कभी छोटा मत रखिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे युवाओं के सामने नशा भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़ी है।नशा केवल एक व्यक्ति के शरीर को ही खत्म नहीं करता,बल्कि उसके पूरे परिवार के सपनों को और उसके उज्ज्वल भविष्य को बर्बाद कर देता है।इसलिए,आइए आज मेरे साथ मिलकर संकल्प लीजिए कि आप खुद भी किसी भी तरह के नशे से दूर रहेंगे और अपने दोस्तों, अपने साथियों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।जब हमारा युवा स्वस्थ और नशा-मुक्त रहेगा, तभी हमारा उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की इस विकास यात्रा के आप असली कर्णधार हैं, आपकी सोच और आपकी मेहनत ही देवभूमि को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।आप खूब मेहनत कीजिए और हमेशा बड़े सपने देखिए।आपकी ये सरकार आपकी प्रतिभा को नए अवसर देने और आपके रास्ते को आसान बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप जैसे प्रतिभाशाली व मेहनती युवा उत्तराखंड को देश का सबसे अग्रणी और सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर विद्यार्थियों के सवालों का सहजता व सरलता जवाब देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं को स्पष्ट किया। विद्यार्थी शौर्य,दक्ष,चंद्रा,प्रभजोत,खुशी,सिमरन, कात्यायनी ,आरती, वैष्णवी और आद्रिका द्वारा पूछे गए प्रश्नों पर मुख्यमंत्री ने युवा आयोग, उत्तराखंड के विकास, अग्निवीर योजना, साईबर क्राइम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विचार साझा किए। छात्र शौर्य के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि युवा आयोग युवाओं की पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और सरकारी सेवाओं से जोड़ने का काम करेगा।छात्र दक्ष के ‘सपनों का उत्तराखंड’ से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा उत्तराखंड बनाना चाहती है जहाँ युवाओं को शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए पलायन न करना पड़े। राज्य में ही स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही किसानों को उनके उत्पादों का स्थानीय स्तर पर बाजार मिले ताकि फसलों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। छात्रा चंद्रा द्वारा अग्निवीर सैनिकों के भविष्य को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने बताया कि सरकार अग्निवीरों के भविष्य को लेकर पूरी तरह सजग है और इसके लिए एक डेलीकेटेड अग्निवीर सेल का गठन किया गया है।छात्रा ख़ुशी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजीपर किए गए सवाल के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई हमारे लिए चुनौती के साथ-साथ एक बेहतरीन अवसर भी है। आधुनिकता के इस दौर में हमें इसके अनुरूप खुद को ढालना होगा। टेक्नोलॉजी से अनभिज्ञ न रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि साइंस एंड टेक्नोलॉजी के नए शोधों ने कठिन कार्यों को आसान बना दिया है।मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार राज्य के हर जिले में साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित कर रही है। इसी दिशा में देश की पाँचवीं सबसे बड़ी साइंस सिटी देहरादून में स्थापित की जा रही है।छात्रा प्रभजोत ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों से संवाद करते हुए एक पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति काम के बदले रिश्वत मांगता है या अनुचित दबाव बनाता है, तो नागरिक निसंकोच टोल-फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है और प्राप्त शिकायतों पर विशेष टीमों द्वारा त्वरित जांच की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारा राज्य देवभूमि है और देवभूमि की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त होनी चाहिए।

इससे पूर्व माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों व जनता से मुलाकात की।

विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में 17 विद्यालयों के करीब 1400 छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान विधायक त्रिलोक सिंह चीमा,मेयर दीपक बाली,दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता,फ़रजाना बेगम,मनजीत सिंह राजू,सुरेंद्र सिंह नामधारी,मुकेश कुमार,जिलाध्यक्ष मनोजपाल,खिलेंद्र चौधरी,मोहनपाल,गुरविंदर सिंह चंडोक सहित एसएसपी अजय गणपति,वीसी जयकिशन,सीडीओ दिवेश शासनी,एडीएम पंकज उपाध्याय,एसडीएम अभय प्रताप सिंह एवं अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।