October 25, 2026

आवासीय क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से व्यापारी चिंतित, राहत की मांग

आवासीय क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से व्यापारी चिंतित, राहत की मांग

देहरादून। आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यापारिक गतिविधियों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के संदर्भ में आज दून उद्योग व्यापार मंडल की कोर कमेटी की अति आवश्यक वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापारी वर्ग के सामने उत्पन्न हो रही समस्याओं, उनके रोजगार और भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

दून उद्योग व्यापार मंडल ने कहा कि व्यापारी वर्ग सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करता है, लेकिन आदेश के प्रभाव से देशभर के छोटे और मध्यम व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा होने की आशंका है। व्यापारी समाज भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और उससे जुड़े लाखों परिवारों की आजीविका सीधे तौर पर व्यापार पर निर्भर करती है।

दून उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने कहा कि “व्यापारी वर्ग कानून और न्यायपालिका का पूरा सम्मान करता है, लेकिन इस विषय पर व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए व्यापारियों की आजीविका और उनके परिवारों के भविष्य को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। आजादी के बाद से ही देश के अनेक आवासीय क्षेत्रों और कॉलोनियों में छोटी-बड़ी दुकानें संचालित होती रही हैं और स्थानीय बाजारों ने आम जनता की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में किसी भी कार्रवाई से पहले व्यापारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश, उचित समय और व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।”

उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों को अचानक बेरोजगारी और आर्थिक संकट की ओर धकेलना उचित नहीं होगा। सरकार और संबंधित विभागों को ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे न्यायालय के आदेशों का सम्मान भी सुनिश्चित हो और व्यापारियों की आजीविका भी सुरक्षित रह सके। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे व्यापारियों के हितों की अनदेखी करके बाजार व्यवस्था को कमजोर नहीं होने देना चाहिए।

बैठक में यह भी चिंता जताई गई कि सर्वे की कार्रवाई केवल आवासीय कॉलोनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यावसायिक मार्गों पर स्थित उन दुकानों को भी चिह्नित किए जाने की जानकारी सामने आ रही है, जहां व्यापारिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन भवनों के नक्शे आवासीय श्रेणी के हैं। इस स्थिति में व्यापारियों के बीच असमंजस और भय का माहौल बना हुआ है।

दून उद्योग व्यापार मंडल ने प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की कि इस गंभीर विषय पर तत्काल हस्तक्षेप कर प्रभावित व्यापारियों को राहत प्रदान की जाए। कोर कमेटी ने निर्णय लिया कि इस संबंध में कल वरिष्ठ अधिकारियों एवं सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

बैठक में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि व्यापारियों की समस्याओं का उचित समाधान नहीं निकाला गया, तो आगामी त्योहारों के दौरान व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में व्यापारी वर्ग आंदोलन के लिए लामबंद होने को मजबूर होगा। आवश्यकता पड़ने पर अन्य व्यापारी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रदेश एवं देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल जैसे कदम पर भी विचार किया जा सकता है।

वर्चुअल बैठक में दून उद्योग व्यापार मंडल के संरक्षक अनिल गोयल, अध्यक्ष विपिन नागलिया, कार्यकारी अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल, महामंत्री सुनील मैंसोन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डी.डी. अरोड़ा, कोषाध्यक्ष कमलेश अग्रवाल तथा कोर कमेटी के सदस्य अनुज जैन, नरेश जैन, पंकज गुप्ता, विभोर जैन, विजय खुराना, जगमोहन रावत सहित विभिन्न क्षेत्रीय व्यापार संगठनों के अध्यक्ष एवं अन्य व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।