उत्तरकाशी। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की तैयारियां चल रही हैं।
गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट के पर्व पर आज पांच नवंबर यानी आज दोपहर 11 बजकर 45 मिनट पर विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गये, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज के अवसर पर छह नवंबर को दोपहर 12 बजर 15 बजे बंद होंगे।
कपाट बंद होने की तिथि निकट आते ही धामों में व्यापारी और अन्य व्यवसायी लौटने की तैयारी करने लगे हैं। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट के अवसर पर बंद होते हैं। इस बार पांच नवंबर को सुबह साढ़े आठ बजे मां गंगा के मुकुट को उतारा गया। इसके बाद निर्वाण दर्शन किए गए।
वेद मंत्रों के साथ मां की मूर्ति का महाभिषेक के बाद विधिवत हवन पूजा-अर्चना के साथ कपाट बंद कर दिए गये। 11 बजकर 45 बजे अमृत बेला पर कपाट बंद किये गये। इसके बाद डोली मुखवा के लिए प्रस्थान करेगी। डोली रात्रि निवास चंडेश्वरी देवी मंदिर (माकण्डेय मंदिर) में निवास करेंगे। छह नवंबर को गंगा की डोली मुखवा के लिए पहुंचेगी। अगले छह माह तक मां गंगा के दर्शन मुखवा में ही होंगे।
यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष राजस्वरूप उनियाल ने बताया कि छह नवंबर को भैया दूज के अवसर पर दोपहर 12:15 बजे यमुनोत्री के कपाट बंद किए जाएंगे। इसके बाद शनि महाराज की अगुआई में मां यमुना की डोली खरसाली पहुंचेगी। कपाट बंद होने तक खरसाली में स्थित यमुना मंदिर में मां यमुना के दर्शन श्रद्धालु कर सकेंगे।
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