
हरिद्वार। नाबालिग बहनों के अपहरण मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पहले दोनों बहनों का अपहरण किया फिर मसूरी ले जाकर होटल में दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों बहनों को कलियर से बरामद कर लिया है। बताया जा रहा है कि तीनों आरोपी रुड़की सिविल अस्पताल के अस्थायी कर्मचारी रह चुके हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया है।
विदित हो कि 16 जनवरी को रुड़की सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र निवासी एक ग्रामीण ने सिविल लाइन कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि उसकी दो नाबालिग बेटी 15 जनवरी से गायब हैं। काफी तलाश करने के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला सका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की।
वहीं, मंगलवार की शाम कोतवाली पुलिस ने सूचना के आधार पर कलियर से दोनों बहनों को बदहवास हालत में बरामद किया। पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की गई तो नाबालिग बहनों ने कोतवाली गंगनहर क्षेत्र के गुलाब नगर रामपुर गांव निवासी वसीम, कोटा मुरादनगर थाना कलियर निवासी शाहरुख और शिवपुरम आजाद नगर कोतवाली गंगनहर रुड़की निवासी सचिन के नाम बताए।
उन्होंने बताया कि तीनों युवक बहला-फुसलाकर उन्हें अपने साथ कार से मसूरी ले गए थे। जहां एक होटल में ले जाकर उनके साथ दुष्कर्म किया गया। उन्होंने बताया कि मंगलवार की शाम तीनों युवकों ने उन्हें कलियर में छोड़ दिया और कार लेकर फरार हो गए। पूछताछ के बाद कोतवाली पुलिस ने मंगलवार की देर शाम तीनों युवकों को रामपुर से गिरफ्तार कर लिया। सिविल लाइन कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रदीप तोमर ने बताया कि आरोपी वसीम, शाहरुख और सचिन रुड़की सिविल अस्पताल के अस्थायी कर्मचारी रह चुके हैं।

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