
राज्य सरकार ने बेरोजगार संघ की सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बाद पटवारी भर्ती पेपर लीक की एसआईटी जांच हाईकोर्ट के जज की निगरानी में कराए जाने का फैसला लिया। इसी के साथ राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (सेनि.) ने नकलरोधी कानून के अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। इसी के साथ यह कानून पूरे प्रदेश में लागू हो गया।
वहीं शनिवार सुबह मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद बेरोजगार संगठन ने आंदोलन खत्म कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि बेरोजगार संगठन के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई वार्ता सकारात्मक रही। हमारी सरकार निष्पक्ष, नकल विहीन और पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए प्रतिबद्ध है। देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून उत्तराखंड राज्य में लागू हो गया है।
कल होने वाली पटवारी, लेखपाल भर्ती परीक्षा को शांति पूर्ण, निष्पक्ष और नकल विहीन कराने के लिए समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए निःशुल्क परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। कल की परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों के उज्वल भविष्य के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। बेरोजगार संघ के प्रतिनिधियों ने भी राज्य में सख्त नकल विरोधी अध्यादेश लागू किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

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