February 18, 2026

वन संपदा को वनअग्नि से बचाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देशन में किया गया मॉक अभ्यास

वन संपदा को वनअग्नि से बचाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में किया गया मॉक अभ्यास

मनसा देवी पहाड़ी पर हुई वन अग्नि की चपेट में आने से तीन लोग हुए घायल

आपदा प्रबंधन टीम द्वारा त्वरित राहत एवं बचाव कार्य करते हुए घायल व्यक्तियों का रेस्क्यू करते हुए त्वरित उपचार हेतु जिला चिकित्सालय भेजा गया

हरिद्वार। आपदा कंट्रोल रूप को 10:30 बजे सूचना प्राप्त हुए है की मनसा देवी की पहाड़ी पर आग लगने की सूचना प्राप्त हुई है,आग की घटना पर काबू पाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में आपदा प्रबंधन टीम को त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के लिए घटना स्थल के लिए रवाना करने के निर्देश दिए गए।आपदा प्रबंधन टीम घटना स्थल पर पहुंच कर वन अग्नि को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्यवाही की गई एवं आग की चपेट में आए व्यक्तियों का सफलतापूर्वक रेस्क्यु किया गया।
प्रभागीय वनाधिकारी/इंसीडेंट कमांडर ने अवगत कराया है कि वन संपदा को आग से बचाने के लिए त्वरित राहत, बचाव एवं आग पर काबू पाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में आज आपदा प्रबंधन टीम एवं वन विभाग, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ ,अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग एव राजाजी नेशनल पार्क के संयुक्त तत्वाधान में मॉक अभ्यास किया गया।
उन्होंने कहा की वन अग्नि की घटना में तीन  लोग आग की चपेट मे आ गए थे,जिन्हें आपदा प्रबंधन टीम द्वारा त्वरित राहत एव बचाव कार्य करते हुए तीनों लोगों को पहाड़ी से रेस्क्यू करते हुए एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार हेतु जिला चिकित्सालय भेजा गया,जहां आंशिक रूप से घायल दो व्यक्तियों को उपचार उपरांत डिस्चार्ज कर दिया गया एवं एक  गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को हाइयर सेंटर रेफर किया गया है इस दौरान एक चीतल शावक भी आग की चपेट में आने से घायल हो गया था ,जिसको चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया।
उन्होंने अवगत कराया है कि राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत मानसा देवी क्षेत्र में आगामी फायर सीजन की तैयारियों को पुख्ता करने हेतु दो दिवसीय विशेष अभ्यास कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान के प्रथम चरण में दिनांक 17 फरवरी 2026 को रानीपुर वन विश्राम गृह, राजाजी टाइगर रिजर्व में एक ‘टेबल टॉप एक्सरसाइज’ आयोजित किया गया, जिसमें प्रशासन के समस्त संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
इस सत्र के दौरान वनाग्नि की आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की रणनीति बनाई गई और विभागों के बीच आपसी समन्वय व उत्तरदायित्वों को रेखांकित किया गया।
उन्होंने कहा कि आज मॉक ड्रिल का
अभियान के दूसरे चरण में आज दिनांक 18 फरवरी 2026 को मानसा देवी के चुनौतीपूर्ण वन क्षेत्र में ‘फायर मॉक ड्रिल’ के माध्यम से रणनीतियों का धरातल पर सजीव परीक्षण किया गया। जिसमें  त्वरित कार्यवाही हेतु 5 मिनट में टीमो की तैनाती की गई जिसमें 11 विभागों का प्रभावी समन्वय रहा तथा वनअग्नि पर 1 घंटा 45 मिनट में पूर्ण रूप से नियंत्रण किया गया।
इस मौक ड्रिल अभ्यास में राजाजी पार्क के वार्डन अजय लिंगवाल,जिला शिक्षा अधिकारी अमित चंद, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, एसडीओ वन विभाग पूनम कैथोला सहित स्वास्थ्य विभाग,एनडीआरएफ,एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन,पुलिस विभाग,अग्निशमन,वन विभाग,जल संस्थान,लोनिवि,राजाजी टाइगर रिजर्व विभाग,जिला पूर्ति विभाग, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्धशिक्षा विभाग आदि विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा मॉक अभ्यास में प्रतिभाग किया गया।

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