June 1, 2026

आरएआई, फाउंडेशन एम्बेसडर्स कॉन्फ्रेंस एवं वार्षिक पुरस्कार समारोह 2026 का भव्य आयोजन

आरएआई, फाउंडेशन एम्बेसडर्स कॉन्फ्रेंस एवं वार्षिक पुरस्कार समारोह 2026 का भव्य आयोजन
वैश्विक कूटनीति, सांस्कृतिक संवाद और आध्यात्मिक मूल्यों का अद्भुत संगम
भारत से परमार्थ निकेतन की साध्वी भगवती सरस्वती जी की गरिमामयी उपस्थिति
डा साध्वी भगवती सरस्वती जी ने परमार्थ निकेतन की भेंट रूद्राक्ष का पौधा और रूद्राक्ष की माला भेंट कर उन्हें गंगा आरती में सहभाग हेतु आमंत्रित किया
जयपुर/ऋषिकेश, 1 जून। राजस्थान के ऐतिहासिक और भव्य सिक्स सेंसिस फोर्ट बरवाड़ा में आरएआई, फाउंडेशन द्वारा एम्बेसडर्स कॉन्फ्रेंस एवं वार्षिक पुरस्कार समारोह 2026 का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विश्व के विभिन्न देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों, राजनयिकों, नीति-निर्माताओं, विचारकों एवं विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की।
इस विशेष सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक नेतृत्व, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और मानवीय मूल्यों पर आधारित वैश्विक साझेदारी को सुदृढ़ करना था। सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने विश्व शांति, सतत विकास, अंतर-सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रों के बीच सहयोग को बढ़ाने के विषयों पर अपने विचार साझा किए। संवाद और सहभागिता के माध्यम से यह सम्मेलन विश्व समुदाय के मध्य विश्वास, सम्मान और सहयोग की भावना को और अधिक सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ।
सम्मेलन में 34 देशों के राजदूतों एवं उच्चायुक्तों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें उरुग्वे, पेरू, पनामा, अर्जेंटीना, कोलंबिया, गुयाना, कोस्टा रिका, तिमोर-लेस्ते, स्पेन, बोलिविया, दक्षिण कोरिया, पराग्वे, पुर्तगाल, डोमिनिकन रिपब्लिक, जिम्बाब्वे, मेक्सिको, चिली, क्यूबा, एल साल्वाडोर, ऑस्ट्रिया, आर्मेनिया, जर्मनी, कनाडा, कैमरून, सिंगापुर, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, कंबोडिया, थाईलैंड, सेशेल्स, तंजानिया, जमैका तथा वैटिकन सहित अनेक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस अवसर पर साध्वी भगवती सरस्वती जी की वैटिकन दूतावास के उप प्रमुख एवं अपोस्टोलिक नुनसियो के प्रतिनिधि के साथ विशेष भेंट भी हुई। यह संवाद परमार्थ निकेतन और वैटिकन के मध्य आध्यात्मिक एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बैठक में अंतरधार्मिक सद्भाव, वैश्विक शांति, पर्यावरण संरक्षण तथा मानवता की साझा चुनौतियों पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
सम्मेलन का एक विशेष आकर्षण प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता और वैश्विक प्रेरणास्रोत साध्वी भगवती सरस्वती जी का प्रेरणादायी संबोधन रहा। उन्होंने “स्पिरिचुअल डिप्लोमेसी” अर्थात् “आध्यात्मिक कूटनीति” विषय पर अपने प्रखर विचार करते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल राजनीतिक और आर्थिक समझौते ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि विश्व को ऐसी कूटनीति की आवश्यकता है जो करुणा, सह-अस्तित्व, नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित हो।
डा साध्वी जी ने कहा कि जब राष्ट्र एक-दूसरे को केवल रणनीतिक साझेदार के रूप में नहीं बल्कि वैश्विक परिवार के सदस्य के रूप में देखना प्रारम्भ करते हैं, तब वास्तविक शांति और स्थायी सहयोग का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने भारतीय दर्शन के “वसुधैव कुटुम्बकम्” के सिद्धांत को वैश्विक कूटनीति की आधारशिला बताते हुए कहा कि आध्यात्मिक चेतना मानवता को विभाजन से एकता की ओर, संघर्ष से सहयोग की ओर तथा स्वार्थ से सेवा की ओर ले जाती है।
सम्मेलन के समापन अवसर पर आरएआई फाउंडेशन के वार्षिक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तित्वों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों के माध्यम से नेतृत्व, नवाचार, सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों को मान्यता प्रदान की गई।
आरएआई फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह सम्मेलन विभिन्न देशों, संस्कृतियों और विचारधाराओं के मध्य संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने की एक सशक्त पहल है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में ऐसे मंचों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है, जहाँ विविधता को सम्मान मिले, संवाद को प्रोत्साहन मिले और साझा मानवीय मूल्यों के आधार पर एक बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सके।
सम्मेलन का समापन विश्व शांति, वैश्विक सद्भाव और मानवता के कल्याण की सामूहिक भावना के साथ हुआ। उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सांस्कृतिक समझ और आध्यात्मिक मूल्यों के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के सार्थक संवादों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।