August 16, 2026

मानसून सत्र एवं चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सभी विभागीय अधिकारियों को मुख्यालय पर सतर्क रहने के निर्देश

मानसून सत्र एवं चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सभी विभागीय अधिकारियों को मुख्यालय पर सतर्क रहने के निर्देश

मानसून सत्र-2026 (15 जून से 30 सितम्बर, 2026) तथा वर्तमान में संचालित चारधाम यात्रा के दौरान संभावित आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल ने जनपद के सभी विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों एवं अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।

जिलाधिकारी द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा-30 के अंतर्गत जारी आदेश में कहा गया है कि मानसून अवधि के दौरान सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना आवश्यक है, ताकि किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।

जारी निर्देशों के अनुसार सभी विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष एवं अधिकारी कार्यदिवसों के साथ-साथ अवकाश के दिनों में भी बिना पूर्व अनुमति अपना मुख्यालय अथवा कार्यक्षेत्र नहीं छोड़ेंगे। यदि अपरिहार्य परिस्थितियों में मुख्यालय छोड़ना आवश्यक हो, तो इसके लिए जिलाधिकारी से पूर्वानुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। साथ ही अपने स्थान पर अधिकृत प्रतिस्थानी अधिकारी का नाम एवं संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराना होगा।

इसके अतिरिक्त सभी अधिकारियों को अपने मोबाइल फोन 24 घंटे सक्रिय (ऑन) रखने तथा किसी भी स्थिति में उन्हें स्विच ऑफ या नॉट रीचेबल न रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपदा अथवा आपातकाल की स्थिति में तत्काल संपर्क स्थापित किया जा सके।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया है कि सभी विभागाध्यक्ष अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इन निर्देशों से अवगत कराते हुए उनका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें, जिससे किसी भी संभावित आपदा या आपातकालीन स्थिति में राहत, बचाव एवं त्वरित अनुक्रियात्मक कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है तथा 30 सितम्बर, 2026 तक प्रभावी रहेगा।

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