September 11, 2026

श्री केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर चीरबासा के समीप पहाड़ी से मलबा एवं पत्थर गिरने से मार्ग प्रभावित

श्री केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर चीरबासा के समीप पहाड़ी से मलबा एवं पत्थर गिरने से मार्ग प्रभावित

यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पैदल आवाजाही नियंत्रित, प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात

श्री केदारनाथ धाम यात्रा के पैदल मार्ग पर आज सुबह चीरबासा हैलीपैड के समीप पहाड़ी से अचानक मलबा एवं पत्थर गिरने से मार्ग प्रभावित हो गया। सेक्टर अधिकारी गौरीकुण्ड द्वारा दूरभाष के माध्यम से जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र, रुद्रप्रयाग को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों की टीमें तत्काल सक्रिय हुईं और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने बताया कि चीरबासा के समीप पहाड़ी से काफी मात्रा में पत्थर एवं मलबा गिरने की सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन की टीमों द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गौरीकुण्ड से श्री केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले पैदल यात्रियों की आवाजाही को कुछ समय के लिए रोकते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका गया।

उन्होंने बताया कि प्रशासन की तैनात टीमें, डीडीआरएफ एवं डीडीएमए की टीमें मौके पर मौजूद हैं तथा मार्ग से मलबा एवं बड़े पत्थरों को हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। वर्तमान में पैदल यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षा मानकों के अनुरूप नियंत्रित तरीके से शुरू कर दिया गया है। प्रशासन एवं सुरक्षा बलों की निगरानी में यात्रियों को सुरक्षित रूप से आगे भेजा जा रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया कि मार्ग पर कुछ बड़े पत्थर होने के कारण घोड़े-खच्चरों तथा डंडी-कंडी के आवागमन को फिलहाल थोड़े समय के लिए रोका गया है। बड़े पत्थरों एवं मलबे को हटाने का कार्य तेजी से जारी है। मार्ग पूरी तरह सुरक्षित एवं सुचारू होने के बाद घोड़े-खच्चरों तथा डंडी-कंडी सहित यात्रा का आवागमन भी पूर्ण रूप से संचालित किया जाएगा।

उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे प्रशासन एवं सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें तथा मार्ग की स्थिति सामान्य होने तक धैर्य बनाए रखें। अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्र में रुकने अथवा आगे बढ़ने का प्रयास न करें।

जिला प्रशासन द्वारा मार्ग की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा डीडीएमए, डीडीआरएफ, पुलिस एवं अन्य संबंधित टीमों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया गया है।