September 15, 2026

‎बहादराबाद में आयुष चिकित्सा को मिली नई सौगात

‎बहादराबाद में आयुष चिकित्सा को मिली नई सौगात
‎आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र एवं सर्जरी कक्ष का शुभारंभ
‎मंत्री मदन कौशिक ने किया उद्घाटन,विधायक आदेश चौहान ने की अध्यक्षता
‎‎हरिद्वार।  बहादराबाद क्षेत्र में आयुष चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और विशिष्ट आयुर्वेदिक उपचार को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बहादराबाद में आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र एवं सर्जरी कक्ष का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड सरकार के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री श्री मदन कौशिक रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता रानीपुर विधायक श्री आदेश चौहान ने की।
‎कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों का अंगवस्त्र ओढ़ाकर एवं रुद्राक्ष की माला पहनाकर अभिनंदन किया गया।
‎शिलापट से पर्दा हटाकर आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र का उद्घाटन
‎मुख्य अतिथि श्री मदन कौशिक, कार्यक्रम अध्यक्ष विधायक श्री आदेश चौहान, स्वामी अनंतानंद जी महाराज, ब्लॉक प्रमुख बहादराबाद सहित अन्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में शिलापट से पर्दा हटाकर आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया गया।
‎‎इसके उपरांत अतिथियों ने फीता काटकर सर्जरी कक्ष का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयुर्वेद की विशिष्ट चिकित्सा पद्धतियों, विशेषकर क्षार कर्म एवं शल्य चिकित्सा को क्षेत्रीय जनता के लिए उपलब्ध कराने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
‎आयुर्वेद को जनसेवा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता : मदन कौशिक
‎मुख्य अतिथि आयुष मंत्री श्री मदन कौशिक ने अपने उद्बोधन में कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन चिकित्सा परंपरा होने के साथ-साथ स्वस्थ जीवन की वैज्ञानिक दृष्टि भी प्रस्तुत करता है। सरकार का प्रयास है कि आयुष चिकित्सा सेवाएं अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचें और ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उनके निकट उपलब्ध हों।
‎उन्होंने बहादराबाद में आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र एवं सर्जरी कक्ष के शुभारंभ को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि ऐसे केंद्र आयुर्वेद की विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं को जनसामान्य तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
‎आयुर्वेद और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में केंद्र बनेगा उपयोगी : विधायक आदेश चौहान
‎कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रानीपुर विधायक श्री आदेश चौहान ने कहा कि बहादराबाद क्षेत्र में इस प्रकार की विशिष्ट आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधा का उपलब्ध होना क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए।
‎उन्होंने आयुर्वेद, योग, स्वस्थ जीवनशैली एवं रोगों की रोकथाम के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
‎गौशाला, आयुर्वेद और विषमुक्त कृषि का परस्पर संबंध : स्वामी अनंतानंद जी महाराज
‎स्वामी अनंतानंद जी महाराज ने अपने वक्तव्य में गौशाला, आयुर्वेद एवं विषमुक्त कृषि के आपसी संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में गौ आधारित जीवन पद्धति, प्राकृतिक कृषि और आयुर्वेद एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। रासायनिक पदार्थों के अत्यधिक प्रयोग से मुक्त कृषि और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है।
‎उन्होंने स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्राकृतिक जीवनशैली, शुद्ध आहार और पर्यावरण संरक्षण को महत्वपूर्ण बताया।
‎अतिथियों का हुआ आत्मीय स्वागत
‎कार्यक्रम में विकास तिवारी, ब्लॉक प्रमुख बहादराबाद एवं ग्राम प्रधान बहादराबाद अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विभागीय अधिकारियों एवं चिकित्सकों द्वारा सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया।
‎जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. स्वास्तिक सुरेश ने अपने स्वागत उद्बोधन में अतिथियों का स्वागत करते हुए आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र की स्थापना के उद्देश्य, उपलब्ध सेवाओं तथा क्षेत्रवासियों को मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डाला।
‎उन्होंने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से आयुर्वेद की विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं को स्थानीय स्तर पर सुलभ बनाने का प्रयास किया गया है।
‎डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय ने जताया आभार
‎कार्यक्रम के मुख्य कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि श्री मदन कौशिक, कार्यक्रम अध्यक्ष विधायक श्री आदेश चौहान, स्वामी अनंतानंद जी महाराज, ब्लॉक प्रमुख बहादराबाद, ग्राम प्रधान बहादराबाद, विभागीय अधिकारियों, चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
‎उन्होंने कहा कि आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र की स्थापना का उद्देश्य केवल एक नई चिकित्सा सुविधा शुरू करना नहीं, बल्कि आयुर्वेद की विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।
‎डॉ. भास्कर आनंद ने किया प्रभावी संचालन
‎पूरे कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन डॉ. भास्कर आनंद द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाते हुए अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय को कार्यक्रम से जोड़े रखा।
‎कार्यक्रम में डॉ. अवनीश उपाध्याय, पूर्व नोडल अधिकारी, आयुष मिशन एवं प्रमुख कार्यक्रम समन्वयक; डॉ. विक्रम सिंह रावत, नोडल अधिकारी, आयुष मिशन हरिद्वार; डॉ. विशाल प्रभाकर, केंद्र प्रभारी, उत्कर्ष आयुर्वेद केंद्र बहादराबाद; डॉ. सौरमी सोनकर, शल्य चिकित्सक एवं क्षार कर्म विशेषज्ञ, उत्कर्ष आयुर्वेद केंद्र तथा चिकित्सा अधिकारी, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय भोगपुर; डॉ. अभानी कौशिक, चिकित्सा अधिकारी, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय निरंजनपुर; डॉ. विकास दुबे, पंचकर्म चिकित्सक, उत्कर्ष आयुर्वेद केंद्र बहादराबाद एवं चिकित्सा अधिकारी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर लालढांग; डॉ. ज्योति राणा, शल्य चिकित्सक एवं क्षार कर्म विशेषज्ञ, उत्कर्ष आयुर्वेद केंद्र बहादराबाद एवं चिकित्सा अधिकारी, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मंगलौर; डॉ. संगीता, पंचकर्म चिकित्सक, उत्कर्ष आयुर्वेद केंद्र बहादराबाद एवं चिकित्सा अधिकारी, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बिहारिनगर; डॉ. विजेंद्र कुशवाहा, क्षार कर्म चिकित्सक, उत्कर्ष आयुर्वेद केंद्र बहादराबाद एवं चिकित्सा अधिकारी, पी.एच.सी. मरगूबपुर; श्रीमती शशि कला, फार्मेसी अधिकारी, बहादराबाद; तथा कु० कंचन चतुर्वेदी, स्टाफ नर्स, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मंगलौर, योग अनुदेशक दीपक पाण्डे सहित विभागीय अधिकारी, चिकित्सक, आयुष चिकित्सा से जुड़े विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि, आशा कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
‎आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र एवं सर्जरी कक्ष का शुभारंभ बहादराबाद तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे क्षेत्रवासियों को विशेष आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने के साथ-साथ आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा परंपरा को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने को भी गति मिलेगी।