October 10, 2026

मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना स्पोक सेंटर में छह दिवसीय क्लाउड किचन प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया समापन

*मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना स्पोक सेंटर में छह दिवसीय क्लाउड किचन प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया समापन*

*महिलाओं को घर से क्लाउड किचन व्यवसाय शुरू करने के साथ डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन ऑर्डर और गूगल बिजनेस प्रोफाइल की दी गई जानकारी*

*प्रशिक्षण के बाद उद्यम पंजीकरण, खाद्य लाइसेंस और आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में भी सहयोग करेगी योजना की टीम*

*हरिद्वार। मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार डॉ. ललित नारायण मिश्र ने शनिवार को मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना (आरबीआई) स्पोक सेंटर, हरिद्वार में छह दिवसीय क्लाउड किचन उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना (एमयूवाई) और रीप (REAP) टीम के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और उन्हें डिजिटल माध्यमों के जरिए अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण का आयोजन आरसेटी द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल तकनीक स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। क्लाउड किचन के माध्यम से महिलाएं अपने घर की रसोई से ही कम लागत में खाद्य व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। इसके लिए बड़े रेस्टोरेंट या महंगे व्यावसायिक प्रतिष्ठान की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल खाना बनाने का प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें अपने उत्पादों की ब्रांडिंग, ऑनलाइन मार्केटिंग और बिक्री के माध्यम से सफल उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।

छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी महिलाओं को पारंपरिक पाक-कला के साथ आधुनिक डिजिटल कौशल की जानकारी दी गई। उन्हें गूगल बिजनेस प्रोफाइल के माध्यम से अपने स्थानीय व्यवसाय को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया समझाई गई, जिससे संभावित ग्राहक गूगल सर्च और गूगल मैप्स पर उनके व्यवसाय को आसानी से खोज सकें। इसके अतिरिक्त स्विगी और जोमैटो जैसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण एवं ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।

महिलाओं को इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप बिजनेस जैसे सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर अपने व्यंजनों का प्रचार-प्रसार करने, ग्राहकों से संपर्क स्थापित करने और ऑनलाइन ऑर्डर प्राप्त करने के तरीके भी बताए गए। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को बाजार की मांग के अनुरूप अपने उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने तथा अपने व्यवसाय को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने के लिए तैयार करना है।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने आश्वस्त किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा होने के बाद भी मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की टीम महिलाओं को उद्यम स्थापित करने की प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करेगी। इसके अंतर्गत उद्यम पंजीकरण, बीएमसी तथा आवश्यक खाद्य लाइसेंस सहित अन्य जरूरी औपचारिकताओं को पूरा कराने में मार्गदर्शन दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इच्छुक महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी सहयोग किया जाएगा। इसके लिए सीसीएल, सीआईएफ एवं वीओ जैसे माध्यमों के जरिए उपलब्ध प्रावधानों के अनुसार ऋण और वित्तीय संसाधनों तक पहुंच बनाने में सहायता की जाएगी, ताकि महिलाएं अपने प्रशिक्षण को स्वरोजगार और स्थायी आजीविका में परिवर्तित कर सकें।

कार्यक्रम में आरसेटी के निदेशक शिव कुमार, एलडीएम दिनेश कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना से बीपीडीई राव आशकर, इंक्यूबेशन मैनेजर योगेन्द्र सिंह, राव साकीब, गीता सहित प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएं तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।