October 25, 2026

लेखक गाँव अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 2026 का भव्य आयोजन

लेखक गाँव अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 2026 का भव्य आयोजन
🌸अंतर्राष्ट्रीय साहित्य, संस्कृति एवं कला महोत्सव, 25-29 अक्टूबर
💥साहित्य, संस्कृति, कला और वैश्विक संवाद के संगम पर जुटें देश-विदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकार, विचारक एवं विशिष्ट अतिथि
🌸60 से अधिक देशों की साहित्यकारों व विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति
ऋषिकेश/देहरादून, 25 अक्टूबर 2026। साहित्य, संस्कृति और कला की समृद्ध परंपराओं को समर्पित लेखक गाँव अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 2026 का आयोजन 25 से 29 अक्टूबर, 2026 तक किया जा रहा है। यह अंतर्राष्ट्रीय साहित्य, संस्कृति एवं कला महोत्सव विविध भाषाओं, विचारों, रचनात्मक अभिव्यक्तियों और सांस्कृतिक विरासत को एक साझा मंच प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। महोत्सव का उद्देश्य साहित्य और कला के माध्यम से समाज में संवेदनशीलता, सृजनशीलता, संवाद तथा सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करना है।

इस पावन अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। इस महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड के माननीय राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन जी की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम की अध्यक्षता मॉरीशस के माननीय पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन जी, उत्तराखण्ड के माननीय कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज जी एवं श्री प्रदीप बत्रा जी, भोपाल स्थित रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे जी तथा ब्रिटेन के सुप्रसिद्ध कथाकार श्री तेजेन्द्र शर्मा जी, एम.बी.ई., की सहभागिता रही। विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुके इन व्यक्तित्वों की उपस्थिति साहित्य, संस्कृति, समाज और समकालीन चिंतन से जुड़े विषयों पर संवाद को समृद्ध करेगी। कार्यक्रम में डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से आयोजित किया।
पाँच दिवसीय यह महोत्सव साहित्य, संस्कृति और कला की विविध विधाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ रचनाकारों, साहित्यकारों, विचारकों और संस्कृति प्रेमियों के बीच विचार-विनिमय के अवसर उपलब्ध कराने की व्यापक संभावना रखता है। ऐसे आयोजन साहित्य को पुस्तकों के पन्नों से आगे समाज के जीवंत अनुभवों से जोड़ते हैं और विभिन्न देशों तथा संस्कृतियों के बीच पारस्परिक समझ, सौहार्द एवं सहयोग की भावना को सुदृढ़ करते हैं।
उत्तराखण्ड के माननीय राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन जी ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में लेखनी और साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साहित्य एवं कला ने जनमानस में नवचेतना जागृत करने, राष्ट्रीय चेतना को स्वर देने और समाज को स्वतंत्रता के संकल्प से जोड़ने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि लेखक गाँव, कल्पना से लोकमंगल तक की सृजन यात्रा है। लेखक गाँव, प्रकृति की काव्यमयी चेतना, हिमालय की दिव्यता और माँ गंगा की पावन धारा के मध्य सृजन का एक विलक्षण संगम है। यह डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ जी की कल्पनाशीलता, साहित्यिक साधना और लोकमंगलकारी दृष्टि का साकार स्वरूप है। भारतीय ऋषि परंपरा में शब्द ब्रह्म हैं और साहित्य लोककल्याण का माध्यम। लेखक गाँव इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कल्पना को संकल्प, संकल्प को सृजन और सृजन को युगबोध में रूपांतरित करने की प्रेरणा देता है। जहाँ कल्पना में मानवता, साहित्य में संस्कार और सृजन में लोककल्याण हो, वहीं संस्कृति का भविष्य प्रकाशित होता है।

आज के वैश्विक परिदृश्य में साहित्य और कला की भूमिका समाज को संवेदनशील बनाने, विविधताओं का सम्मान करने और मानवीय मूल्यों को प्रतिष्ठित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। लेखक गाँव अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 2026 इसी व्यापक दृष्टि के साथ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विमर्श को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। प्रतिष्ठित अतिथियों, साहित्यकारों और रचनात्मक व्यक्तित्वों की सहभागिता से महोत्सव के विभिन्न सत्र विचारों की नई संभावनाओं और सृजनात्मक संवाद के लिए मंच प्रदान करेंगे।

लेखक गाँव अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, 2026 साहित्य, संस्कृति और कला के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं, रचनात्मकता तथा वैश्विक सांस्कृतिक सहभागिता को नई ऊर्जा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आयोजन है। यह महोत्सव भारतीय सांस्कृतिक चेतना और अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक संवाद के बीच सेतु निर्मित करने की संभावनाओं को भी सशक्त करेगा।
महोत्सव के संचालन का दायित्व डॉ. सुशील उपाध्याय जी ने निभाया। आयोजन के संयोजक श्री अजय बिष्ट, श्री बालकृष्ण चमोली एवं श्रीमती पूजा पोखरियाल हैं। पंडाल प्रभारी के रूप में डॉ. अंजना विलियम्स, डॉ. योगिता राणा और डॉ. शिखा शर्मा सहित अन्य सहयोगी आयोजन की व्यवस्थाओं में योगदान प्रदान कर रहे हैं।