
हरिद्वार/ सहरसा। ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान, डॉ रहमान चौक के संस्थापक ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा ने बताया है की मिथिला की नवविवाहिताओं का मुख्य पर्व मधुश्रावणी 25 जुलाई गुरुवार से शुरू होगा एवं 07 अगस्त को समापन होगा,इस पर्व को नवविवाहिताएं बहुत हीं उत्साह से मनाती हैं,इस व्रत में पत्नी अपने पति की लंबी आयु की कामना करती है, इसमें विशेष पूजा गौरी शंकर की होती है,नव विवाहिताएं पूरी निष्ठा के साथ दुल्हन के रूप में सज-धज कर ये पर्व मनाती हैं, शादी के पहले साल के श्रावण महीने में नव विवाहिताएं मधुश्रावणी का व्रत करती हैं,श्रावण माह के कृष्ण पक्ष के पंचमी के दिन से इस व्रत की शुरुआत होती है!
मधुश्रावणी पर्व में व्रती नमक के बिना, मीठा भोजन, अरवा भोजन,खाती है, इन दिनों सुहागन व्रत रखकर मिट्टी और गोबर से बने विषहरा और गौरीशंकर की विशेष पूजा कर कथा सुनती हैं,कथा की शुरुआत विषहरा के जन्म से होती है, मधुश्रावणी व्रत के अंतिम दिन टेमी दागने की प्रथा सदियों से चली आ रही है, इस बार 07 अगस्त को इस पर्व का समापन होगा!

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