February 11, 2026

मृत्यु प्रमाण पत्र प्रकरण में लापरवाही; डीएम ने डीपीआरओ का रोका वेतन तो जारी हुए प्रमाण पत्र

इठारना में आयोजित बहुउ‌द्देशीय शिविर प्राप्त शिकायत पर प्रदत्त निर्देशों का अनुपालन करने पर हुई थी कार्रवाई

प्रमाण पत्र जारी होने के उपरान्त ही जिला प्रशासन ने दी वेतन आहरण की संस्तुति

देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जिले के विकास खंड डोईवाला ग्राम इठारना, तहसील ऋषिकेश में 01.12.2025 को आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में प्राप्त शिकायतों के क्रम में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत गौहरी माफी निवासी प्रदीप सिंह पुत्र स्व० भगत सिंह द्वारा अपने पिताजी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने तथा बलबीर सिंह रावत पुत्र स्व० चन्दन सिंह द्वारा अपनी माता स्व० जयवन्ती देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी न किए जाने संबंधी शिकायत प्रस्तुत की गई थी।

प्रकरण में में उपजिलाधिकारी, ऋषिकेश के पत्र 18.12.2025 के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश निर्गत किए गए थे। तत्पश्चात कार्यालय 29.12.2025 द्वारा सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), विकासखंड डोईवाला को निर्देशित किया गया कि प्रकरण पर तीन दिवस के भीतर कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराएं।

इसके बावजूद पंचायतराज स्तर पर समयबद्ध कार्यवाही न किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी को प्राप्त हुई। शिकायतकर्ताओं के प्रार्थना पत्रों पर अपेक्षित कार्रवाई में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए प्रकरण के निस्तारण तक जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने के निर्देश दिए थे, जिसके फलस्वरुप जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है।

वेतन रोकने की कार्रवाई के तत्पश्चात संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत गौहरी माफी द्वारा प्रदीप सिंह के पिता स्व० भगत सिंह तथा बलबीर सिंह रावत की माता स्व० जयवन्ती देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र 08.02.2026 को जारी कर दिया गया है। प्रकरण के निस्तारण उपरांत जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर लगी रोक हटाए जाने के संबंध में पत्रावली उच्च स्तर पर प्रस्तुत की गई है। जिला प्रशासन के सख्त निर्देश हैं कि जनमानस की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर क्षम्य नही होगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि समयबद्ध एवं पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की हिलाहवाली स्वीकार्य नहीं होगी ।