February 20, 2026

राज्य सरकार फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है : मुख्यमंत्री*

*राज्य सरकार फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है – मुख्यमंत्री*

*उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 का दिखा असर, क्षेत्रीय सिनेमा को मिला प्रोत्साहन*

*वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 25 फिल्मों को जारी हुई अनुदान राशि*

*14 गढ़वाली, कुमाऊंनी एवं जौनसारी फिल्मों को जारी हुई अनुदान राशि*

*11 हिन्दी/अंग्रेजी फिल्मों को जारी हुई अनुदान राशि*

देहरादून। उत्तराखंड राज्य सरकार फिल्म उद्योग के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्राकृतिक सौंदर्य, सुरक्षित वातावरण, सरल प्रक्रियाएँ और फिल्म-फ्रेंडली नीति के कारण ही उत्तराखण्ड आज देश और विदेश के फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनकर उभर रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की संकल्पना का ही असर है कि आज राज्य में क्षेत्रीय सिनेमा को नये आयाम मिल रहे है। मुख्यमंत्री श्री धामी द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में लागू की फिल्म नीति-2024 प्रभावी रही है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, विविध भौगोलिक परिस्थितियों, सांस्कृतिक विरासत और शांत वातावरण के कारण फिल्म निर्माण के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में फिल्म नीति को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत फिल्म निर्माताओं को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से त्वरित अनुमति प्रदान की जा रही है। शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है, जिससे फिल्म निर्माताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म नीति का उद्देश्य केवल फिल्मों की शूटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिल रही है। उत्तराखंड में वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म और फीचर फिल्मों के निर्माण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि परिषद द्वारा वर्ष में 02 बार (माह जुलाई एवं माह जनवरी) फिल्मों को अनुदान दिये जाने हेतु समिति की बैठक आयोजित की जाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 25 फिल्मों को अनुदान धनराशि दी गई है। माह जुलाई, 2025 की बैठक में 12 फिल्मों के प्रस्ताव का परीक्षण अनुदान दिया गया, जबकि माह जनवरी, 2026 में 13 फिल्मों को अनुदान दिया गया है। इस वर्ष रुपये 8.28 करोड़ धनराशि अनुदान के रूप में 25 फिल्मों को जारी की गई है। श्री तिवारी ने बताया कि मा. मुख्यमंत्री श्री धामी के दिशा-निर्देश में परिषद द्वारा फिल्म निर्माता-निर्देशकों को राज्य में फिल्म शूटिंग हेतु अनुकूल वातावरण प्रदान किया जा रहा है। राज्य में फिल्मों की शूटिंग होने से स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के अवसर बढ़ रहे है।

*उत्तराखण्ड की इन फिल्मों को मिला अनुदान*

फिल्म नीति-2024 के कारण क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहन मिला है। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में गढ़वाली, कुमाऊंनी एवं जौनसारी फिल्मों को अनुदान राशि जारी की गई है। जोना (गढ़वाली) ₹5,84,528/-, ‘मीठी’ माँ कु आशीर्वाद (गढ़वाली) ₹20,83,050/-, मेरे गांव की बाट (जौनसारी) ₹31,04,360/-, घपरोल (गढ़वाली) ₹21,85,819/-, द्वी होला जब साथ (गढवाली) ₹18,48,883/-, गढ़-कुमौं (उत्तराखण्डी) ₹20,93,140/-, असग़ार (गढ़वाली) ₹16,96,852/-, रतब्याण-(गढ़वाली) ₹9,96,193/-, संस्कार (गढ़वाली) ₹26,68,175/-, मेरु गौ (गढ़वाली) ₹7,91,305/-, अजाण (गढ़वाली) ₹9,24,286/-, बथों सुबेरो घाम -2 (गढ़वाली) ₹6,53,073/-, धरती म्यर कुमाऊँ (कुमाऊंनी) ₹17,63,528/-, कारा एक प्रथा (गढ़वाली) ₹18,86,726/- फिल्में शमिल है।

*हिन्दी भाषा की इन फिल्मों को मिला अनुदान*

फिल्म नीति-2024 से आकर्षित होकर देश-विदेश के फिल्म निर्माता निर्देशक आकर्षित होकर फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखण्ड आ रहे है। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में हिन्दी फिल्मों को अनुदान राशि जारी की गई है, जिनमें विकी विद्या का वह वाला वीडियो (हिन्दी) ₹1,95,00,000/-, वेब सीरीज लाइफ हिल गई (हिन्दी) ₹ 94,76,565/-, Tanvi the Great (हिंदी/अंग्रेजी) ₹99,85,806/-, माली (हिन्दी) ₹28,01,229/-, मैं लड़ेगा (हिंदी) ₹15,11,907/-, 5th सितम्बर (हिंदी) ₹17,33,028/-, केसरी चैप्टर-2 (हिंदी) ₹41,22,664/-, ढाई आखर प्रेम का (हिन्दी) ₹33,76,00,8/-, गंगा संग रविदास (हिन्दी) ₹9,34,980/-, ए वेडिंग स्टोरी-(हिन्दी) ₹9,50,302/-, Middle Class Love (हिंदी) ₹51,96,578/- फिल्मों को अनुदान दिया गया है।

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