February 28, 2026

रुद्रप्रयाग के शिशु-विद्या मंदिरों का प्लैनेट स्कूल ने किया “डिजिटल रुद्राभिषेक

*रुद्रप्रयाग के शिशु-विद्या मंदिरों का प्लैनेट स्कूल ने किया “डिजिटल रुद्राभिषेक”*

जनपद रुद्रप्रयाग के 12 शिशु एवं विद्या मंदिरों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्लैनेट स्कूल संस्था द्वारा व्यापक डिजिटल सहायता प्रदान की गई है। इस पहल के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय को 5 कम्प्यूटर, 2 डिजिटल पैनल (स्मार्ट क्लास), 1 स्पीकर, 1 प्रिंटर तथा 2 वेबकैम उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही बस्ता रहित शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु 2 थीम-बेस्ड क्लास रूम भी विकसित किए गए हैं, जिससे बच्चों का सीखना अधिक गतिविधि-आधारित, अनुभवात्मक और आनंददायक बन सके।

संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनका उद्देश्य दूरस्थ एवं आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण और तकनीक-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन संसाधनों, डिजिटल कंटेंट और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने का अवसर प्राप्त होगा। थीम-बेस्ड क्लासरूम बच्चों में रचनात्मकता, सहभागिता और व्यवहारिक सीख को बढ़ावा देंगे, जिससे बस्ता रहित शिक्षा का उद्देश्य प्रभावी रूप से साकार होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक उपकरणों की सहायता से अब विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाओं का प्रभावी संचालन संभव होगा, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक रोचक, संवादात्मक और परिणामोन्मुख बनेगी। वेबकैम की सुविधा से ऑनलाइन कक्षाएं, वर्चुअल सेशन, लाइव डेमो और डिजिटल कंटेंट आधारित शिक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर प्लैनेट स्कूल के निदेशक अभिषेक वर्मा ने कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल उपकरण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि शिक्षा को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर विद्यार्थियों के भविष्य को उज्जवल करना है। पर्वतीय क्षेत्रों के बच्चों को भी महानगरों जैसी डिजिटल सुविधाएं मिलें यही हमारा संकल्प है।”

जिन विद्यालयों को डिजिटल सहायता प्रदान की गई उनमें सरस्वती शिशु मंदिर सतेराखाल, तिलवाड़ा, गुप्तकाशी, उखीमठ, मनसूना, जखोली, पुनाड़, अगस्त्यमुनि, फाटा तथा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गुप्तकाशी, तिलवाड़ा एवं बेलनी शामिल हैं। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा क्षेत्र में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बताया। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों ने इस सहयोग के लिए प्लैनेट स्कूल संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया।