हरिद्वार।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के क्रम में जनपद में ई-रिक्शा के विरुद्ध प्रवर्तन (एनफोर्समेंट) अभियान के प्रथम दिन आज सघन कार्रवाई की गई। बिना सत्यापन के संचालित हो रहे ई-रिक्शा के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए 50 ई-रिक्शा को सीज (जब्त) किया गया। यह कार्रवाई निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया की समयसीमा समाप्त होने के उपरांत की गई है।
ज्ञातव्य है कि जिला अधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा ई-रिक्शा स्वामियों एवं चालकों का अनिवार्य सत्यापन कराया जा रहा है, जिसमें स्वामी एवं चालक दोनों का पुलिस सत्यापन शामिल है। सत्यापन पूर्ण होने के पश्चात ई-रिक्शा पर रूट आधारित रंग-कोडित क्यूआर स्टिकर लगाए जा रहे हैं तथा चालकों को क्यूआर आधारित पहचान पत्र प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाया जा सके।

ई-रिक्शा सत्यापन हेतु अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई थी। समयसीमा समाप्त होने के बाद आज से प्रवर्तन अभियान प्रारंभ किया गया है, जो आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा संचालकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सभी ई-रिक्शा स्वामियों एवं चालकों से अपील की जाती है कि वे शीघ्रातिशीघ्र अपना सत्यापन कार्य पूर्ण कराएं। सत्यापन की प्रक्रिया एआरटीओ कार्यालय में निरंतर जारी रहेगी।

इस अभियान के दौरान निम्न अधिकारीगण उपस्थित रहे—
एआरटीओ (प्रशासन) हरिद्वार श्री निखिल शर्मा,
एआरटीओ (प्रवर्तन) हरिद्वार श्रीमती नेहा झा,
परिवहन कर अधिकारी श्रीमती वरुणा सैनी,
परिवहन कर अधिकारी श्रीमती मनीषा शाह,
परिवहन उप निरीक्षक श्री अश्वनी कुमार।

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