April 20, 2026

हरिद्वार ज्वालापुर में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम का आयोजन

(सुरेन्द्र बोकाडिया)
हरिद्वार। आंबेडकर जयंती भारत में हर साल 14 अप्रैल को मनाई जाती है। यह दिन भारतीय संविधान के निर्माता, समाज सुधारक और महान अर्थशास्त्री डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर को समर्पित है।  देशभर में यह दिन बेहद श्रद्धा, सम्मान और उत्साह का है। बाबा साहब आंबेडकर ने भारत के सामाजिक ढांचे को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांतों को मजबूत किया।

हरिद्वार ज्वालापुर में आज 12  अप्रैल को अम्बेडकर जयंती धूमधाम से मनायी गयी साथ ही हर वर्षाे की भांति जुलूस भी निकाला गया।  धर्मनगरी हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर बुद्ध विहार चैरिटेबल ट्रस्ट, कड़च्छ द्वारा एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक समरसता, समानता और शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया। पूरे आयोजन में अनुशासन, भव्यता और सामाजिक एकता की झलक साफ दिखाई दी।

इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि हरिद्वार की महापौर किरण जैसल विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुईं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया और डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने बाबा साहेब के विचारों पर  प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय समाज को समानता, न्याय और अधिकारों की दिशा दी। उनका प्रसिद्ध संदेश —“शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत है। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में भी अंबेडकर के विचारों को अपनाकर ही समाज में वास्तविक परिवर्तन लाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि अंबेडकर जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और अधिकारों के प्रति सजगता का प्रतीक है। इस अवसर पर समाज के सभी वर्गों के लोगों ने मिलकर एकता और भाईचारे का संदेश दिया, जो कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता रही।
कार्यक्रम को सफल बनाने में बुद्ध विहार चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मदन कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक  है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज को सशक्त बनाया जा सकता है और युवाओं को बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाना चाहिए।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने बाबा साहेब के विचारों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। और यह  संदेश दिया कि समाज में समानता और न्याय के लिए निरंतर प्रयास करना आवश्यक है। ज्वालापुर में आयोजित यह अंबेडकर जयंती कार्यक्रम न केवल एक धार्मिक या सामाजिक आयोजन था, बल्कि समाज को एक नई दिशा देने वाला प्रेरणादायक मंच भी बना। इस आयोजन ने यह साबित किया कि जब समाज एकजुट होता है, तो सकारात्मक बदलाव संभव है।

इस अवसर पर  संस्थापक अध्यक्ष – विजयपाल सिंह,  उपाध्यक्ष – बृजेश कुमार , महासचिव – किशन पाल , सचिव – श्यामल कुमार, सुधीर राठौर ,सह-कोषाध्यक्ष – श्रीपाल सिंह. मास्टर मोदीमल, विनीत लांबा, कृष्ण कुमार, हरचंद दास, रमेश भूषण, सुरेश कुमार, रवि प्रकाश, सुषमा दास, साध्वी जी, गौतम कुमार, विनोद आर्य, चंद्र बहादुर और करुणा सागर भंते सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।