September 6, 2026

लक्सर में आपदा प्रबंधन समीक्षा बैठक सम्पन्न, उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

*लक्सर में आपदा प्रबंधन समीक्षा बैठक सम्पन्न, उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश*

*मानसून एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की विस्तृत समीक्षा, जलभराव, कटाव, क्षतिग्रस्त सड़कें एवं पुलियाओं की मरम्मत के लिए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश*

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के तहत महाराजपुर–गंगदासपुर सड़क निर्माण को ₹3.72 करोड़ की स्वीकृति, कुआँखेड़ा में सोलानी नदी कटाव का किया स्थलीय निरीक्षण*

*हरिद्वार।  हरिद्वार जनपद के विकासखंड सभागार लक्सर में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) के उपाध्यक्ष विनय रुहेला की अध्यक्षता में मानसून एवं बाढ़ आपदा प्रबंधन एवं क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन तथा सिंचाई, लोक निर्माण विभाग (PWD), जल संस्थान, विद्युत, स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत राज, नगर निकाय एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने लक्सर एवं खानपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों, राहत एवं बचाव कार्यों, जल निकासी, क्षति आकलन तथा पुनर्वास कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से संबंधित शिकायतों का तत्काल और प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से क्षेत्र की सभी पुलियाओं, जो गांवों को जोड़ती हैं, उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। साथ ही सभी क्षतिग्रस्त सड़कों और संपर्क मार्गों की मॉनिटरिंग कर दो दिन के भीतर विस्तृत ड्राफ्ट एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार जनपद की सभी सड़कें गड्ढा मुक्त होना सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए जहां-जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, वहां तत्काल कार्यवाही की जाए।

बैठक में निरंजनपुर और गंगदासपुर में गंभीर जलभराव, कुआँखेड़ा मार्ग पर सोलानी नदी के कटाव, नरोजपुर की टूटी सड़क, फ्लाईओवर के नीचे जलभराव, पोडोवाली पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से, नियामतपुर और दाबकी की सड़कों सहित विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। संबंधित विभागों को मौके का निरीक्षण कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निरंजनपुर में जल निकासी के लिए नाला निर्माण कार्य भी शीघ्र शुरू कराने को कहा गया।

उपाध्यक्ष ने सिंचाई विभाग एवं पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया कि क्षेत्र के सभी नाले और नालियों की युद्धस्तर पर सफाई कराई जाए तथा कहीं भी जल निकासी बाधित न होने पाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सके और क्षेत्रवासियों को शीघ्र राहत मिले।

बैठक में अनुपस्थित रहने वाले संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में महाराजपुर स्थित सत्संग भवन से गंगदासपुर तक लगभग 4.50 किलोमीटर सड़क के सुधारीकरण एवं निर्माण कार्य को शासन से ₹3.72 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध हो सके।

बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए गए कि यदि बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की संभावना हो तो सभी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में आवश्यक खाद्यान्न एवं राशन की पर्याप्त उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

इसके साथ ही विद्युत विभाग को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त विद्युत पोल एवं बिजली आपूर्ति को तत्काल दुरुस्त करने तथा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा एवं आवश्यक पशु चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के उपरांत उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने अधिकारियों के साथ कुआँखेड़ा में सोलानी नदी के कटाव प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नदी के तेज बहाव से सड़क और तटबंध को हो रहे नुकसान का जायजा लिया तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तत्काल कटाव रोकने के लिए सुरक्षा कार्य शुरू करने, आवश्यक मशीनरी और संसाधन उपलब्ध कराने तथा प्रभावित क्षेत्र में हरसंभव सुरक्षात्मक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपाध्यक्ष ने कहा कि मानसून के बाद डेंगू और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने नगर पालिका और नगर पंचायतों को जलभराव वाले स्थानों की सफाई, पानी की निकासी, फॉगिंग तथा कीटनाशक छिड़काव नियमित रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक आपदा प्रभावित नागरिक को समय पर राहत एवं पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी विभाग संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करें।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, ब्लॉक प्रमुख लक्सर डॉ. हर्ष कुमार दौलत, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि,पूर्व विधायक संजय गुप्ता, पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला, सीओ लक्सर सुरेंद्र सिंह नेगी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, बीडीओ लक्सर परवीन भट्ट, प्रतिनिधि नगर पंचायत सुल्तानपुर चेयरमैन जाहिद हसन, प्रतिनिधि ब्लॉक प्रमुख खानपुर मनीष, भाजपा कार्यकर्ता मोहित कौशिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।