*अपर जिलाधिकारी ने सैंजी गांव का भ्रमण कर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, निस्तारण के दिए निर्देश*
*मक्का विलेज के रूप में पहचान बना रहा सैंजी गांव, सामूहिक परंपरा और ग्रामीण पहल बनी आकर्षण का केंद्र*
अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने जौनपुर विकासखंड के सैंजी गांव का भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद कर गांव में विकास कार्यों एवं मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने सैंजी गांव को जोड़ने वाली लिंक रोड को पक्का करने, बरसात के दौरान सड़क पर पानी एकत्र होने की समस्या के समाधान के लिए उचित जल निकासी व्यवस्था करने तथा पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए गांव में वाटर पार्क विकसित करने की मांग रखी। इसके अलावा ग्रामीणों ने सड़क कटान के मुआवजे तथा लखवाड़ बांध परियोजना से प्रभावित क्षेत्र से संबंधित मुआवजे की समस्याएं भी अपर जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्याओं का स्थलीय आकलन कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शीघ्र निस्तारण किया जाए।
*मक्का उत्पादन से बनी अलग पहचान*
सैंजी गांव अपनी विशिष्ट कृषि परंपरा और ग्रामीणों की सामूहिक पहल के चलते ‘मक्का विलेज’ के रूप में पहचान बना रहा है। गांव में करीब 60 से 70 परिवार निवास करते हैं और अधिकांश परिवार मक्का उत्पादन से जुड़े हैं। ग्रामीण अपने घरों के बाहर मक्के को सुखाने के साथ ही पारंपरिक रूप से तैयार किए गए मक्के के बीज का आगामी फसल के लिए उपयोग करते हैं। गांव के खेतों में बड़े पैमाने पर मक्का उत्पादन किया जाता है, जो ग्रामीणों की आजीविका और पारंपरिक कृषि व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
गांव में एक ही स्थान पर स्थापित पारंपरिक ओखलियां भी विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। ग्रामीण इन ओखलियों में सामूहिक रूप से मसाले, चूड़ा (पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन) सहित अन्य पहाड़ी खाद्य सामग्री कूटते हैं। यह परंपरा ग्रामीणों की आपसी एकजुटता, सामुदायिक सहयोग और पहाड़ी संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का सुंदर उदाहरण है। भ्रमण के दौरान सैंजी गांव में ग्रामीण पहल का एक प्रेरणादायी उदाहरण भी सामने आया। गांव के एक व्यक्ति, जो पूर्व में कनाडा में रहते थे, ने गांव में रेस्टोरेंट शुरू किया है। उनकी पत्नी कनाडा की हैं और दोनों मिलकर रेस्टोरेंट का संचालन करते हैं। रेस्टोरेंट से होने वाली आय का उपयोग गांव में संचालित अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय के संचालन में किया जा रहा है। बताया गया कि पिछले करीब 10-12 वर्षों से विद्यालय में 150 से अधिक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। अपर जिलाधिकारी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने वाली अनुकरणीय पहल बताया।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि सैंजी गांव में कृषि, पर्यटन, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ गांव की विशिष्ट पहचान और स्थानीय संसाधनों को पर्यटन एवं आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, कमल रावत, कुंवर सिंह चौहान सहित ग्राम प्रधान, ग्रामीण, युवा तथा संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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