
चमोली। जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आंतकियों से लोहा लेते वक्त चमोली के सांकरी गांव के रहने वाले योगंबर सिंह भंडारी शहीद हो गए थे। रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास पर पहुंचा है। शहीद को पार्थिव शरीर को उनके आवास पर अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। जिसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए गांव के नजदीक ही घाट पर ले जाया गया। जहां उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे थे। योगंबर सिंह भंडारी की शहादत से पूरे गांव में गमगीन माहौल है।ं योगंबर सिंह भंडारी का पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान के साथ तिरंगे में लिपटा हुआ उनके घर लाया गया। जहां शहीद के परिजनों ने उनके अंतिम दर्शन किये। वहीं, सैकड़ों की संख्या में शहीद के अंतिम दर्शनों के लिए लोग जुटे हैं। गांव के ही पास निंगोल नदी के तट पर शहीद का पार्थिव शरीर दाह संस्कार के लिए ले जाया गया। जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, स्थानीय विधायक महेंद्र प्रसाद भट्ट और पूर्व विधायक राजेन्द्र भंडारी भी शहीद की अंतिम यात्रा में पहुंचे थे।बता दें कि चमोली के सांकरी गांव निवासी राइफलमैन योगंबर सिंह 17 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे। वर्तमान में वे सेना की 48 आरआर (राष्ट्रीय रायफल) रेजीमेंट में जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी पर थे।

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