- दलित के हाथ का बना खाना खाने से सवर्ण बच्चों का इनकार
लालकुआं। प्रगतिशील भोजन माता संगठन ने चंपावत जिले के सूखीडांग इंटर कॉलेज की दलित भोजन माता सुनीता देवी के जातीय उत्पीड़न के खिलाफ सवर्ण मानसिकता का पुतला फूंका दहन किया। और तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित गया।
प्रगतिशील भोजन माता संगठन के बैनर तले लगभग एक दर्जन भोजन माताएं रेलवे स्टेशन लालकुआं तिराहे पर एकत्र हुई। इस दौरान आयोजित सभा संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रभारी सरस्वती ने कहा कि आज हम 21वीं सदी में जी रहे हैं लेकिन जातिवाद का दंश हमारे समाज से खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। शिक्षा का काम जाति व्यवस्था पर चोट करना है लेकिन शिक्षा देने वाली जगहें भी जाति उत्पीड़न से मुक्त नहीं है। सूखीडांग इंटर कॉलेज में दलित भोजन माता के हाथ का बना खाना खाने से सवर्ण मानसिकता रखने वाले बच्चों ने खाना खाने से इंकार कर दिया उन्होंने कहा हम दलित महिला के हाथो से बना खाना नहीं खाएंगे इतना ही नहीं और प्रशासन द्वारा बच्चों अभिभावकों को समझाने के बजाय भोजन माता पर ही कार्यवाही करना शर्मनाक है। इससे साफ होता है कि अभी भी जात पात के नाम पर भेद भाव होता है। आखिर बच्चे भी तो बड़ो के कदमो पर ही चलते है।
प्रगतिशील भोजन माता संगठन सुनीता के उक्त उत्पीड़न की निंदा करते हुए उसे न्याय दिलाने की मांग करता है। इस मौके पर स्वर्ण वादी मानसिकता का पुतला फूंका गया। इसके बाद स्थानीय तहसील पहुंची भोजन माताओं ने मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन की प्रति तहसीलदार को सौंपी। कार्यक्रम में सुधा, सरस्वती, गीता कश्यप, नंदी देवी, बिंदु गुप्ता, पुष्पा, सपना आदि मौजूद थे।
दलित भोजन माता के उत्पीड़न पर नारेबाजी करती भोजन माताएं


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