
कुलसचिव गक्खड़ ने कहा कि पंचकर्म में बीमारियों का जड़ से उपचार होता है। चिकित्सकों को पंचकर्म से उपचार मरीजों को देने के लिए प्रचार-प्रसार करना चाहिए। इस मौके पर ऋषिकुल परिसर निदेशक डीसी सिंह, परीक्षा नियंत्रक अधिकारी ओपी सिंह ने कहा कि पंचकर्म चिकित्सा से सस्ता और अच्छा इलाज मरीजों को मिलता है, इसलिए लोगों को स्वास्थ्य सेवा का फायदा उठाने के लिए जागरूक किया जाए। पंचकर्म विभागाध्यक्ष प्रो. डा. केके शर्मा ने प्रशिक्षण में आए चिकित्सकों का स्वागत किया। कहा कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण फलदायी होगा। इस मौके पर असिस्टेंट प्रो. डा. नितेश आनंद, असिस्टेेंट प्रो. डा. पारूल शर्मा, प्रो. डा. प्रवेश कुमार आदि मौजूद रहे।

More Stories
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत की खुशी में मिठाई वितरित कर जश्न मनाया
ऑपरेशन प्रहार के अन्तर्गत बहादराबाद पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही
ऑपरेशन प्रहार के अन्तर्गत हरिद्वार पुलिस की “DRINK AND DRIVE” वाहन चालको के विरूद्ध कार्यवाही