
हरिद्वार।
तेजइंद्र जीत कौर ने प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि हरिद्वार महाकुंभ में हुई कोरोना घोटाले प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए। साथ ही कोरोना जांच में जो कारोडों रूपये का घोटाला हुआ है उसमें भी दक्षिण काली पीठ के पीठाधीश्वर और आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी की सीबीआई जांच होनी चाहिए। जिसमें की दो अधिकारी निलंबित हुए हैं उनको भी आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि जो अधिकारीभ्रष्टाचार में लिप्त है वह नेताओं के फाइनेंसर है क्योंकि वह उनकी पोस्टिंग करवाने या रूकवायेंगे, फंसने से बचायेंगे का कार्य करते हैं। यदि 15 तारीख तक आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल नहीं भेजा गया तो वह सीएम आवास पर धरना देंगी और यदि फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया तो वह अनशन पर बैठ जायेंगी, आवश्यकता पडी तो आत्मदाह भी करेंगी।

More Stories
मुख्यमंत्री योगी ने राज्यमंत्री के पिता को दी श्रद्धांजलि
बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर प्रकल्प मिशन ज्ञान गंगा का शुभारंभ
मुख्यमंत्री धामी की जन-केंद्रित पहल का असर, “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” से 3.56 लाख से अधिक लोग लाभान्वित