
नैनीताल।
उत्तराखंड के प्रसिद्ध नंदा देवी महोत्सव में माता के भक्तों ने कदली वृक्ष से मां नंदा सुनंदा की मूर्तियों का निर्माण सोमवार देर रात पूरा कर लिया। मंगलवार तड़के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए पूजन और प्राण प्रतिष्ठा के बाद नैनीताल के नैना देवी मंदिर परिसर में मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमा को भक्तों के दर्शनार्थ रखा गया। जिसके बाद तड़के चार बजे से ही नैना देवी मंदिर में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई।
वहीं, इस दौरान एक व्यक्ति माता को चढ़ाने के लिए एक बकरा लेकर मंदिर की और पहुंचा, लेकिन पुलिस ने उसे रास्ते से ही लौटा दिया। माता के दर्शन के लिए भक्त तीन बजे से ही मंदिर में पहुंचने शुरू हो गए थे। साढ़े चार बजे के बाद भक्तों ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद ग्रहण किया। सुबह 7रू30 बजे तक मंदिर में भक्तों की लंबी कतार लगी रही।
उसके बाद भी मंदिर परिसर में भक्तों की कतार लगी रही। इस दौरान मंदिर और इसके आसपास का पूरा माहौल नंदा-सुनंदा के जयकारों से गूंजता रहा। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र में कोविड-19 के नियमों का पालन कराया गया। मौके पर सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस के जवान भी तैनात रहे।बता दें कि सोमवार दोपहर 12 बजे से कदली वृक्ष से मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियां बनाने का काम शुरू हुआ था। नैना देवी मंदिर के दशावतार भवन में राम सेवक सभा से जुड़े कलाकारों ने चंद्र प्रकाश साह के नेतृत्व में मां नंदा व सुनंदा की मूर्तियों का निर्माण किया। वहीं, मोनिका शाह, आरती संभल, कल्याणी और मेघा बिष्ट ने मां की मूर्तियों को आकर्षक रंग देकर और भव्यता प्रदान की। सागर सोनकर ने मां का वाटिका आसन तैयार किया। जिसके बाद देर रात माता की मूर्तियों को मंडप में विराजमान किया गया।

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