August 25, 2026

इंडियन रेडक्रॉस उत्तराखण्ड के चेयरमेन प्रोफेसर( डॉ.) नरेश चौधरी ने पंचम चरण कुंभ मेला प्रशिक्षण 2027 के अंतर्गत प्रशिक्षित किया

हरिद्वार । सशस्त्र प्रशिक्षण केन्द्र हरिद्वार में पुलिस कार्मिकों को कुंभ मेले हेतु इंडियन रेडक्रॉस उत्तराखण्ड के चेयरमेन प्रोफेसर( डॉ.) नरेश चौधरी ने पंचम चरण कुंभ मेला प्रशिक्षण 2027 के अंतर्गत प्रशिक्षित किया।
सशस्त्र प्रशिक्षण केन्द्र हरिद्वार में कुंभ मेला प्रशिक्षण 2027 का 6 दिवसीय पंचम चरण के प्रशिक्षण के अंतर्गत इंडियन रेडक्रॉस उत्तराखण्ड के चेयरमेन प्रोफेसर( डॉ.) नरेश चौधरी ने प्रशिक्षु पुलिस कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया। प्रोफेसर( डॉ.)
नरेश चौधरी ने सभी प्रशिक्षिणार्थियों को कुंभ मेले का इतिहास, कुंभ मेलों में भीड़ नियंत्रण, कुंभ मेले में यात्रियों, श्रद्धालुओं के साथ, साधु संतों अखाड़ों की परम्पराओं पर विस्तृत जानकारियां दी।प्रोफेसर( डॉ.) नरेश चौधरी ने 1986 कुंभ मेले में हुई घटना की विशेष रुप जमीनी हकीकत से भी रु-ब-रु कराया तथा जिसका मुख्य कारण पुलों की कमियां एवं वी.आई.पी. का कारण भी था , जिससे जांच आयोग द्वारा सुझावों के अंतर्गत अन्य पुलों का निर्माण हुआ और वी.आई.पी. घाट भी अलग से बनाया गया। इसी प्रकार सोमवती अमावस्या 1996 हुई भगदड़ घटना जिसमें 22 जन हानि हुई उसमें जस्टिस अग्रवाल जांच आयोग बना और जांच आयोग ने सुझावों का कडाई से पालन किया गया और घटनाओं पर अंकुश लगा। प्रोफेसर( डॉ.) नरेश चौधरी ने 2004 अर्द्धकुंभ मेले पर व्यापारियों एवं पुलिस विवाद पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा उससे भी जस्टिस श्री इरशाद हुसैन आयोग के सुझावों को अमल में लाया गया और इस प्रकार घटनाओं की पुर्नवृत्ति नहीं हो सके। स्थानीय संस्थाओं एवं मेला प्रशासन का परस्पर अच्छा सामंजस्य समय-समय पर मेले पर्वों पर होता रहा। कुंभ मेला 1998 में अखाड़ों के विवाद पर भी प्रोफेसर( डॉ.) नरेश चौधरी विशेष रूप प्रशिक्षणार्थियों को विस्तृत जमीनी जानकारियां दी तथा उक्त घटना के बाद भी अखाड़ों से बहुत अच्छा सामंजस्य रहा और मिल बैठकर अखाड़ों का विवाद भी समाप्त किया गया। 2010 कुंभ में हुई घटना का जिक्र भी विशेष रूप से करते हुए चौधरी ने अवगत कराया कि उस घटना से सबक लेकर बिरला घाट पर एक अतिरिक्त पुल का निर्माण हुआ जिससे कि श्री पंचायती जूना अखाड़ा के शाही स्नान हेतु शोभा यात्रा एवं यात्रियों, श्रद्धालुओं हेतु वन वे ट्रैफिक की व्यवस्था हो सकी। प्रोफेसर( डॉ.) नरेश चौधरी ने 2021 कुंभ में आयी दैवीय कोविड-19 जैसी महामारी से भी पुलिस कर्मियों को अवगत कराते हुए कहा कि इस भयंकर चुनौती का सामना भी सभी साधु-संतों, अखाड़ों, स्थानीय नागरिकों, यात्रियों, स्वंयसेवी संस्थाओं, मेला प्रशासन, जिला प्रशासन ने एक साथ मिलकर किया और 2021 कुंभ मेला सकुशल सम्पन्न हो सका। प्रोफेसर( डॉ.) नरेश चौधरी ने सभी कुंभ मेले, अर्द्धकुंभ मेले, कांवड़ मेला, सोमवती स्नान पर्व एवं अन्य स्नान पर्वों पर अपने स्वंय द्वारा निर्वहन किये गये। विभिन्न दायित्वों के अनुभवों का प्रशिक्षणार्थियों को साझा किया।