जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुल का किया निरीक्षण
पुल का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण, अंतिम चरण के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
सुरक्षा के दृष्टिगत कल से शुरू होगी पुल की लोड टेस्टिंग, अंतिम कार्य पूर्ण होने के बाद ही यातायात के लिए खोला जाएगा पुल
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सोमवार को बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाले अति महत्वपूर्ण 200 मीटर निर्माणाधीन पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुल के निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों एवं मानसून के चलते निर्माण कार्य पर पड़ रहे प्रभाव का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह पुल जनपद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुल के निर्माण से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग एवं केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच सीधा संपर्क बेहतर होगा तथा चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और जाम की समस्या को कम करने में भी इस पुल की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम द्वारा पुल के निर्माण कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। मानसून के दृष्टिगत लगातार हो रही वर्षा के कारण निर्माण कार्य में कुछ व्यवधान उत्पन्न हुआ है, हालांकि पुल का अधिकांश निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है तथा अब अंतिम चरण के कुछ कार्य ही शेष हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि शेष कार्यों को पूर्ण करने में लगभग एक सप्ताह का समय अनुमानित है। मौसम की स्थिति एवं वर्षा समाप्त होने के बाद अंतिम चरण के कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम अनुकूल होते ही शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के लिए आवश्यक संसाधनो की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पुल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी के दृष्टिगत पुल की लोड टेस्टिंग का कार्य मंगलवार से प्रारंभ किया जाएगा, ताकि पुल की भार वहन क्षमता एवं अन्य तकनीकी मानकों का परीक्षण किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पुल का अंतिम निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो जाता तथा आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा परीक्षण पूरे नहीं कर लिए जाते, तब तक पुल को आम आवागमन के लिए नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए तथा पुल की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आगे भी समय-समय पर पुल का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता की समीक्षा की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की पूरी कोशिश रहेगी कि चारधाम यात्रा के द्वितीय चरण को ध्यान में रखते हुए पुल का कार्य शीघ्र पूर्ण कर इसे सभी आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवागमन के लिए सुचारु किया जा सके। पुल के सुचारु होने से चारधाम यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा स्थानीय नागरिकों को भी यातायात एवं जाम की समस्या से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षित आवागमन के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की यातायात संबंधी समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, सहायक अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग प्रेरणा जगूड़ी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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