October 22, 2026

ज्वालापुर के कई मौहल्लों में चल रहा खुलेआम अवैध सट्टा, शराब, जुआ, स्नेक का कारोबार

हरिद्वार। तीर्थ नगरी हरिद्वार के ज्वालापुर में कडच्छ, अहबाबनगर, शास्त्रीनगर, तेलियान आदि मौहल्लों में शरीफ आदमियों का रहना दुभर हो गया है।
बताते चले की ज्वालापुर में कडच्छ, अहबाबनगर, शास्त्रीनगर, तेलियान आदि मौहल्लों में शरीफ परिवारों का रहना मुस्किल हो गया है यहां पर निवास करने वाले या बाहर सह आने वाले अपने परिवार के साथ गलियों से गुजरना कई बार महंगा पडा। क्योंकि इनमें खुलेआम अवैध सट्टाए शराबए जुआए स्नेकए ईन्जेक्शन लेना अवैध धंधा गलियों एवं चौहराहों पर किसी भी समय देखा जा सकता है। इसकी पुष्टि यहां मौहल्लों में निवासियों के द्वारा भी की जा सकती है।
जुआ सट्टा का अवैध व्यापार तेजी से पनप रहा है। कार्रवाई नहीं होने के कारण सटोरियों के हौसले बुलंद होते चले गए हैं। इससे सैकड़ों परिवार प्रतिदिन बर्बाद हो रहे हैं। ज्वालापुर में कभी चोरी-छिपे चलने वाला सट्टा बाजार आजकल कानून की ढीली पकड़ की वजह से खुलेआम संचालित हो रहा है। आटा चक्की के पास चर्चित इस खेल में जिस प्रकार सब कुछ ओपन हो रहा है उससे यही प्रतीत होता है कि अब शहर में कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है।

कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्र में इस खेल के बढ़ते कारोबार का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि महिलाएं व बच्चे भी दिन-रात अंकों के जाल में उलझे रहते हैं। ज्वालापुर के कई वार्डाें में जुआ-सट्टा का खेल खुलेआम खेला जा रहा है। प्रत्येक वार्ड में सत्ता पक्ष के प्रभावशाली कुछ लोगों के समर्थक अवैध सट्टे का कारोबार पुलिस के नाक के नीचे चला रहे हैं। स्थानीय का कहा है कि जब इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस को जब शिकायत की जाती है तो शिकायतकर्ताओं से ही पूछा जाता है कि कौन से वार्ड में कौन-कौन सट्टा व जुआ का काम कर रहा है बताएं, तो हम कार्रवाई करेंगे। लेकिन स्थानीय निवास इसलिए परेशान है कि पुलिस कार्यवाही से पूर्व ही अवैध कारोबारियों, जुआ-सट्टा चलाने वाले को कैसे पता चलता है कि आज पुलिस आने वाली है।
गलियों को बनाने लगे अड्डा
खाईबाडी सरेआम सट्टा लगवा रहे हैं। उन्होंने अपना पैंतरा बदल लिया है। अब वह गली-मोहल्ले में ठिकाना बनाकर सट्टे का काला कारोबार कर रहे हैं। इस काले कारोबार में अमीर बनने के चाह में नौजवान उजड़ रहे हैं और खाईबाडी मालामाल होते जा रहे हैं।
कोड वर्ड में चलता है धंधा
सट्टा कोड वर्ड का अवैध करोबार है। मसलन कोई युवा 22 नंबर लगाता है तो वह खाईबाडी से जाकर कोड वर्ड में बता देगा। कोडवर्ड में काम होने से आसपास बैठे व्यक्ति को इसकी भनक तक नहीं लगती है। मालूम पड़ा है कि एक से लेकर 99 तक नंबरों के कोड वर्ड रखे गए हैं। नंबर बताने की प्रक्रिया भी बेहद गोपनीय होती है। खाईबाडी द्वारा एक काफी में सभी नंबर लिखे जाते हैं।
पुलिस कार्रवाई नहीं होने से शहर में नए खाईबाडों की इंट्री
शहर में सट्टे का कारोबार परवान चढ़ रहा है, जिसके चलते सट्टा खाईवाल की तादात बढ़ती जा रही है। युवा पीढ़ी सट्टा बाजार में खाईवाल द्वारा दिखाए जाने वाले रंगीन सपनों के जाल में फंसते जा रहे हैं। पुलिस की सुस्ती से नगर में सट्टे का खेल अब गली-गली में चल रहा है। इसके बावजूद पुलिस के कानों तक इसकी आवाज नहीं पहुंच रही है। रातों रात अमीर बनने के च-र में युवा से लेकर बूढ़े इस कारोबार में फंसकर अपनी कीमती कमाई गंवा रहे हैं।

जगह-जगह पर मौहल्लों के बीच में पूरे-पूरे दिन तेज आवाज में डेक बजाकर, आवाज करते रहना। जिसके कारण कई बार यहां के निवासियों के साथ आप में झगडे भी हुए हैं लेकिन ये नही मानते, कई बार पुलिस द्वारा कार्यवाही भी की गयी लेकिन इसके बाद एक-दो दिनों के बाद फिर यह अपना धंधा शुरू कर देते हैं।
जो परिवार इनके आस पास रहते हैं उनका वहां पर निवास करना मजबूरी हो गयी है क्योंकि यदि वह अपना मकान बेचना भी चाहे तो इतनी महंगाई में बेच कर कहां जायेंगे। अब तो इनका एक ही सहारा है वह पुलिस प्रशासन। यदि जल्द ही पुलिस प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो वह दिन दूर नहीं जब इन मौहल्लों में निवासियों को मजबूरन सडकों पर उतरकर कार्यवाही के लिए मांग करनी पडे।

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