चमोली। नंदप्रयाग घाट मोटरमार्ग का एक बड़ा हिस्सा ग्वाला गांव के पास भूस्ख्लन की चपेट में आने से नंदाकिनी नदी में समा गया है। जिससे यहां बड़े वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। घाट विकासखंड और कर्णप्रयाग विकासखंड के 60 से अधिक गांवों को जोड़ने वाली यह एकमात्र सड़क है। यहां से छोटे वाहनों चालक जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं।
भूस्खलन से सड़क के ऊपर हिस्से में बसी आवासीय बस्ती पर भी खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीण लगातार विस्थापन की मांग कर रहे हैं। ग्रामणों पहाड़ी की तरफ से सड़क कटिंग का भी विरोध कर रहे हैं। जिसके कारण अभी तक सड़क पर बड़े वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकी है।
मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता सुरेश शाह ने बताया कि मौके पर सड़क खोलने के लिए विभाग ने जेसीबी मशीन लगाई है। ग्रामीणों के विरोध के चलते हिल कटिंग का कार्य नहीं हो पा रहा है। उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है।
बता दें इस सड़क के डेढ़ लेन चौड़ीकरण को लेकर स्थानीय लोगों ने करीब 4 महीने तक बड़ा आंदोलन चलाया था। यह सड़क कई स्थानों पर खतरनाक बनी हुई है। बीते दिनों हुई बारिश के चलते जगह-जगह पर सड़क के बीच में मलबा आया है। कई स्थानों पर भूस्खलन भी हो रहा है, जिससे स्थितियां और भी खराब हो गई हैं।

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