November 1, 2026

गंगा संरक्षण और पर्यावरणीय जागरूकता का संदेश लेकर आयोजित हुई पाँचवीं ‘गंगा सस्टेनेबिलिटी रन’

गंगा संरक्षण और पर्यावरणीय जागरूकता का संदेश लेकर आयोजित हुई पाँचवीं ‘गंगा सस्टेनेबिलिटी रन’
🚩परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने झंडी दिखाकर किया गंगा सस्टेनेबिलिटी रन का विधिवत शुभारम्भ
💥श्री सिपान कुमार गर्ग जी, प्रबंध निदेशक एवं निदेशक (वित्त) टीएचडीसी, महापौर, ऋषिकेश श्री शंभू पासवान जी, ऋषिकेश की पूर्व महापौर श्रीमती अनीता ममगाईं जी, उद्योगपति श्री दिलीप लाठी जी, श्रीमती लाठी जी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों एवं विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति
🌺गंगा संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और स्वस्थ जीवनशैली के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के इस अभिनव प्रयास
🏃🏼ऋषिकेश की हिमालयी वादियों में 10, 21, 35 और 50 किलोमीटर की दौड़ के माध्यम से दिया स्वच्छ एवं निर्मल गंगा का संदेश
🌿जंगलों, पर्वतों, माँ गंगा की अविरल धारा और झरनों के बीच दौड़ का रोमांच और हिमालय की समृद्ध जैव विविधता का अनुपम अनुभव
✨विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन के डॉ. राजेश जी के मार्गदर्शन में आयोजित
ऋषिकेश, 1 नवम्बर 2026। माँ गंगा के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज ऋषिकेश की पावन धरा पर पाँचवीं ‘गंगा सस्टेनेबिलिटी रन – ऋषिकेश हिमालयाज’ का आयोजन किया गया। ‘रन फॉर अ क्लीनर गंगा, रन फॉर अ बेटर टुमारो’ के प्रेरक संदेश के साथ आयोजित इस दौड़ ने खेल, स्वास्थ्य, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व को एक सूत्र में जोड़ने का सार्थक प्रयास किया।
गंगा सस्टेनेबिलिटी रन 5.0 पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के आशीर्वाद से विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन द्वारा परमार्थ निकेतन के सहयोग से आयोजित की गयी।
इस आयोजन में प्रतिभागियों के लिए 50 किलोमीटर, 35 किलोमीटर, 21 किलोमीटर और 10 किलोमीटर की विभिन्न श्रेणियाँ निर्धारित की गईं, ताकि अलग-अलग आयु एवं क्षमता के धावक अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकें। दौड़ का शुभारंभ गंगा बैराज, नीलकंठ रोड, एम्स ऋषिकेश के गेट नंबर 1 के सामने से परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने झंडी दिखाकर किया।
इस अवसर पर श्री सिपान कुमार गर्ग जी, प्रबंध निदेशक एवं निदेशक (वित्त) टीएचडीसी, महापौर, ऋषिकेश श्री शंभू पासवान जी, ऋषिकेश की पूर्व महापौर श्रीमती अनीता ममगाईं जी, उद्योगपति श्री दिलीप लाठी जी, श्रीमती लाठी जी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों एवं विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसका समापन जानकी सेतु पर, बीटल्स आश्रम और परमार्थ निकेतन के मध्य निर्धारित स्थल पर हुआ।
परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि “माँ गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की जीवनधारा, हमारी आध्यात्मिक चेतना और प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। मां गंगा का संरक्षण वास्तव में जीवन, संस्कृति और सृष्टि के संरक्षण का संकल्प है। उन्होंने डा राजेश जी को धन्यवाद देते हुये कहा कि गंगा सस्टेनेबिलिटी रन जैसे आयोजन हमें याद दिलाते हैं कि मां गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए हर कदम, हर प्रयास और हर व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है। आइए, हम सब मिलकर स्वच्छ गंगा, स्वस्थ हिमालय और सुरक्षित भविष्य का संकल्प लें।
विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन के डॉ. राजेश जी ने कहा कि “गंगा सस्टेनेबिलिटी रन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि माँ गंगा के प्रति हमारी कृतज्ञता, प्रकृति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारे उत्तरदायित्व का प्रतीक है। इस दौड़ के माध्यम से हम संदेश देना चाहते हैं कि मां गंगा को स्वच्छ और अविरल रखना किसी एक संस्था का कार्य नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब हमारे कदम गंगा के लिए उठेंगे, तभी एक स्वच्छ, स्वस्थ और सतत भविष्य की दिशा प्रशस्त होगी।
हिमालय की मनोरम पर्वत श्रृंखलाओं, मां गंगा की अविरल जलधारा और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण मार्ग पर आयोजित इस दौड़ ने प्रतिभागियों को प्रकृति के साथ जुड़ने तथा उसके संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर प्रदान किया।
इस आयोजन का मूल उद्देश्य केवल दौड़ के माध्यम से शारीरिक क्षमता का विकास के साथ मां गंगा सहित समस्त प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देना है। आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों को स्वच्छता, जिम्मेदार जीवनशैली, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और प्रकृति के प्रति अनुकूल व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।
परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने फिनिशर मेडल के माध्यम से प्रतिभागियों को सम्मानित किया। साथ ही ‘हर कदम प्रकृति के लिए, हर श्वास मां गंगा के लिए’ के संदेश के साथ पाँचवीं गंगा सस्टेनेबिलिटी रन ने स्वस्थ जीवन, स्वच्छ पर्यावरण और निर्मल गंगा के लिए सामूहिक सहभागिता का प्रेरक आह्वान किया।
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