April 6, 2025

डीएवी हरिद्वार में हुआ साहित्य सम्मेलन का आयोजन

 

हरिद्वार। आज के इस युग में बच्चे एवं बड़े जहाँ दिन प्रतिदिन नई-नई तकनीक सीख रहे हैं, वहीं अपने साहित्य से दूर होते चले जा रहे हैं। बच्चों को साहित्य से जोड़े रखने के लिए डीएवी प्रबन्धकर्तृ समिति नई दिल्ली के प्रधान पद्मश्री डाॅ0 पूनम सूरी जी के मार्गदर्शन में डाॅ0 निशा पेशिन डाॅयरेक्टर पब्लिक स्कूल, और डाॅयरेक्टर डीएवी अकादमिक उत्कृष्टता केंद्र के नेतृत्व में साहित्य सम्मेलन के आयोजन की पहल की गई। सभी डीएवी विद्यालयों में बच्चों की साहित्य में रूचि बनाए रखने के लिए साहित्य सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य एवं डीएवी स्कूलों के क्षेत्रीय अधिकारी श्री पी0सी0 पुरोहित जी के निर्देशन में डीएवी जगजीतपुर, हरिद्वार में साहित्य सम्मेलन का आयोजन किया गया।

सर्वप्रथम साहित्यकार डाॅ0 राधिका नागरथ, डाॅ0 मनु शिवपुरी, श्री संजय हाण्डा एवं श्रीमती मोना वर्मा का स्वागत पुष्प गुच्छ द्वारा किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के बाद कक्षा छः के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना द्वारा कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। अदिति पाण्डेय और देवांश दरगन के द्वारा मंच संचालन कुशलतापूर्वक किया गया।

अंग्रेजी भाषा की विदुषी डाॅ0 राधिका नागरथ ने अपने विचारों से जीवन में आध्यात्मिक साहित्य के महत्व पर विचार प्रस्तुत किए। श्रीमती मोना वर्मा जी ने हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं के महत्व के बारे में बताते हुए जीवन में साहित्य के प्रति रूचि जाग्रत करने का प्रयास किया। हिन्दी भाषा में डाॅ0 मनु शिवपुरी ने भाषा के महत्व तथा जीवन पर उसके प्रभाव पर अपनी मधुर वाणी में काव्य के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत कर समां बांध दिया, वहीं श्री संजय हाण्डा जी ने अपनी ओजपूर्ण वाणी से हिन्दी साहित्य के हर युग के महत्व को बताते हुए श्रोता जन के हृदय में अपना स्थान बना लिया। साहित्य किस प्रकार हमारे जीवन पर प्रभाव डालता है, हमारे आचार-विचार ढालता है और हमारे व्यक्तित्व का निर्माण करता है। उन्होने अपना महत्वपूर्ण समय देते हुए विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर बड़े ही धैर्य से देते हुए उनकी जिज्ञासा को भी शांत किया।

उसके बाद डाॅ0 निशा पेशिन की पुस्तक Let Them Fly को सभी अतिथिगण एवं विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यह पुस्तक उनकी साहित्य के प्रति रूचि को परिलक्षित करती है तथा यह पुस्तक विद्यार्थियों की असीमित कल्पना शक्ति को भी निखारेगी। हिन्दी और अंग्रेजी भाषा के साथ अनेक भाषाओं की जननी संस्कृत भाषा में कक्षा आठ के विद्यार्थी देवांश बिंजोला द्वारा प्रस्तुत गीत ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृ भूमि’ के गायन और वादन ने समां बांध दिया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य श्री मनोज कुमार कपिल जी ने सभी विद्धत जनों को विद्यालय की ओर से स्मृति चिह्न भेंट करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। श्रीमती कुसुम बाला त्यागी एवं सुश्री हेमलता पाण्डेय के मार्गदर्शन में कार्यक्रम को सफल बनाने में हिन्दी एवं अंग्रेजी विभाग की अध्यापिकाओं श्रीमती सोनिया त्यागी, श्रीमती अर्चना शिवपुरी, श्रीमती प्रतिमा सक्सेना, श्रीमती वन्दना नारंग, सुश्री अभिलाषा, श्रीमती सुषमा शर्मा, श्रीमती गीतांजलि तिवारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।