
हल्द्वानी। एनयूजे-आई के द्वारा कोरोना महामारी के चलते मान्यता प्राप्त व गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारो की मौत हो जाने पर उनके परिजनों को मुआवजा दिये जाने की मांग रंग लायी है तथा उत्तराखंड सरकार शीघ्र ही मुआवजा राशि का प्रावधान करने जा रही है। उक्त जानकारी देते हुये नेशनल यूनियन ऑफ जनर्लिस्ट-इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश जोशी ने बताया कि एनयूजे-आई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने सूबे के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को इस संदर्भ में पत्र प्रेषित करके कोरोना के चलते अपने प्राण गवाने वाले मान्यता प्राप्त व गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारो के परिजनों को 50-50 लाख की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की थी। इस मुद्दे को लेकर संगठन जे उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष कैलाश जोशी, मुख्य प्रदेश संरक्षक बाह्मदत्त शर्मा के द्वारा भी प्रदेश सरकार व सूचना विभाग से पत्राचार व वार्ता की जा रही है। इस संदर्भ में सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान ने नेता द्वय को बताया कि राज्य सरकार ने राज्य में पत्रकार कल्याण कोष की लिये समिति का पुनर्गठन कर दिया गया है जिसका अनुमोदन मुख्यमंत्री के द्वारा कर दिया गया है तथा दिवंगत मान्यता प्राप्त पत्रकारो के परिजनों को पत्रकार कल्याण कोष से व गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारो के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। श्री चौहान ने यह भी बताया कि अभी राज्य सरकार ने यह धनराशि निर्धारित नही की है तथा राज्य सरकार इस धनराशि को निर्धारित किये जाने को लेकर मंथन चल रहा है तथा फिलहाल सूचना महानिदेशक के द्वारा प्रदेश के समस्त जिला सूचना अधिकारियों को कोरोना के कारण जान गवाने वाले पत्रकारो की सूची तैयार करने के निर्देश दिये गये है। श्री जोशी ने बताया कि इस संदर्भ में संगठन के मुख्य संरक्षक ब्रह्मदत्त शर्मा व प्रदेश महामंत्री सुशील त्यागी लगातार शासन व प्रशासन के सम्पर्क में है तथा शीघ्र ही अधिक से अधिक सहायता राशि निर्धारित कराये जाने के लिये एनयूजे-आई प्रयासरत है।

More Stories
जिला प्रशासन की बड़ी कार्यवाही: 17 गैस एजेंसियों, 45 प्रतिष्ठानों; 05 पेट्रोलपम्प का औचक निरीक्षण; 19 गैस सिलेंडर जब्त; गैस की कालाबाजारी में 02 गिरफ्तार; 2 मुकदमें दर्ज
अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव, परमार्थ निकेतन, 2026 का छठा दिन: वैश्विक एकता, योग और आध्यात्मिकता का ऐतिहासिक संगम
धोखाधड़ी से गलत जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के दिये गये निर्देश