
रुद्रप्रयाग।
रुद्रप्रयाग जिले के बडमा पट्टी में भारी अतिवृष्ठि और ओलावृष्टि के कारण भारी तबाही मची है। सोमवार शाम को हुई बारिश के कारण बडमा पट्टी के धरियांज और किरोड़ा गांव में गाड़-गदेरे उफान पर हैं। जिससे दोनों गांव की सिंचित खेती पूरी तरह बर्बाद हो गई है। रुद्रप्रयाग जिले के बडमा पट्टी में भारी अतिवृष्टि और ओलावृष्टि के कारण भारी तबाही मची है। सोमवार शाम हुई भारी बारिश से बडमा पट्टी के धरियांज और किरोड़ा गांव में गाड़-गदेरे उफान पर आ गए। जिससे दोनों गांव की सिंचित खेती पूरी तरह बर्बाद हो गई। वहीं किरोड़ा गांव में तूफान से एक आवासीय घर की छत भी उड़ गई। जबकि गुप्ताकाशी-मयाली मोटर मार्ग भी जगह-जगह बाधित होने से यातायात पूरी तरह ठप है। अतिवृष्टि के चलते यहां जनजीवन प्रभावित हो गया है। हालांकि अभी जनहानि की कोई सूचना नहीं है। क्षेत्र के अन्य गांव में भी अतिवृष्टि और ओलावृष्टि के कारण खेतों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। यूकेडी नेता मोहित डिमरी ने मौके पर पहुंचकर आपदाग्रस्त क्षेत्र का जायजा लिया। आपदाग्रस्त क्षेत्र का जायजा लेने के बाद यूकेडी नेता मोहित डिमरी का कहना है कि गांव में व्यापक पैमाने पर खेती को नुकसान पहुंचा है। जिसमें ग्रामीणों की धान समेत सब्जियों की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से जल्द गांवों का दौरा करने को कहा है, जिससे नुकसान का आकलन किया जा सकें। उन्होंने स्थानीय लोगों को नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर चाका गदेरे में आई भारी बाढ़ में फंसी दो महिलाओं को रस्सी से रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया। जिसमें कोटी डोबल्या के युवाओं सहित निर्माणाधीन पुल के जेसीबी ऑपरेटर ने अपनी सूझबूझ और हिम्मत का परिचय दिया।

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