देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन द्वारा गुरूवार को सचिवालय परिसर में राजकीय बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों एवं राजकीय महिला गृहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने राजकीय बाल देखरेख संस्थाओं में रहने वाले बच्चों के लिए कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण की नियमित व स्थायी व्यवस्था किए जाने हेतु अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए इन बच्चों को सशक्त व स्वावलंबी बनाने के कारगर प्रयास किए जांय।
दीपावली के उपलक्ष्य में ने महिला कल्याण विभाग द्वारा स्थापित आलम्बन आउटलेट सेन्टर के माध्यम से आयोजित इस प्रदर्शनी का दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ करते हुए मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने बच्चों एवं महिलाओं द्वारा निर्मित आकर्षक पेंटिग्स एवं विभिन्न उत्पादों की सराहना की। मुख्य सचिव ने महिला गृहों की संवासिनियों की प्रतिभा को निखारने के लिये व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने तथा उत्पादों की गुणवत्ता संवर्द्धन की व्यवस्था किए जाने हेतु निर्देश दिये गये। मुख्य सचिव ने बाल देखरेख संस्थाओं में रहने वाले बच्चों की शिक्षा व प्रशिक्षण के लिये विशेष प्रयास करने हेतु भी निर्देशित किया गया।
महिला कल्याण विभाग द्वारा स्थापित आलम्बन आउटलेट सेन्टर के माध्यम से आयोजित यह प्रदर्शनी आगामी 17 अक्टूबर तक चलेगी। जिसमें राजकीय बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों एवं राजकीय महिला गृहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों यथा- मोमबत्ती, करवा, दिये, चित्रकला, तोड़न, भीमल पेटिंग एवं ऐंपण पेटिंग से बने अनेक उत्पादों को प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए रखा गया है।
इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के सचिव, श्री चन्द्रेश यादव, निदेशक श्री बी.एल.राणा, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी श्रीमती अंजना गुप्ता, राज्य नोडल अधिकारी सुश्री आरती बलोदी, जिला परिवीक्षा अधिकारी, देहरादून श्रीमती मीना बिष्ट एवं कार्यक्रम प्रबंधक प्रीति उपाध्याय उपस्थित रहे।

More Stories
चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सिवरेज के लिए खोदी गई सड़कों को त्वरित गति से ठीक करने के लिए दिन- रात किया जा रहा है निमार्ण कार्य
जनपद में पी सी पी एन डी टी अधिनियम 1994 का उल्लंघन करने पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अनुमोदन पर दो व्यक्तियों के विरुद्ध अपराधिक मुकदमा दर्ज किए जाने की संस्तुति
बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व पर आज साय कालीन आरती दर्शन तक लगभग 13 लाख 5 हजार श्रद्धालुओं द्वारा मां गंगा के विभिन्न घाटों पर गंगा स्नान कर अपने गंतव्य को प्रस्थान कर चुके