स्व मांगे राम अग्रवाल जी 23 वीं पुण्यतिथि पर विशिष्ट जन सम्मान, पौधा रोपण एवं विचार गोष्ठी में पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य
स्व हरज्ञान चन्द अग्रवाल सरस्वती शिशु विद्या मन्दिर, डोईवाला देहरादून में आयोजित
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, पीठाधीश्वर परमार्थ निकेतन, श्री भगत सिंह कोश्यारी जी, पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड, श्री तपन जी, क्षेत्रीय सह प्रचार प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, माननीय विधायक, डोईवाला और अनेक विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति
माननीय विधायक श्री प्रेमचंद अग्रवाल जी के कुशल नेतृत्व में आयोजित
सनातन स्वयं एक सेतु
स्वामी चिदानन्द सरस्वती
डोईवाला, देहरादून। सेवा, संस्कार, शिक्षा और समाज निर्माण के मूल्यों को समर्पित स्वर्गीय मांगे राम अग्रवाल जी की 23वीं पुण्यतिथि के अवसर पर स्वर्गीय हरज्ञान चन्द अग्रवाल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, डोईवाला, देहरादून में एक भव्य एवं प्रेरणादायी श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट जन सम्मान समारोह, पौधारोपण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें आध्यात्मिक, सामाजिक एवं राष्ट्र सेवा के क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, पीठाधीश्वर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भगत सिंह कोश्यारी जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय सह प्रचार प्रमुख श्री तपन जी, माननीय विधायक डोईवाला श्री प्रेमचंद अग्रवाल जी तथा अनेक सामाजिक, शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक विभूतियां उपस्थित रहीं।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि स्वर्गीय मांगे राम अग्रवाल जी जैसे महान व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणा के दीप स्तंभ होते हैं। वे स्वयं तप कर संत दृष्टि प्राप्त की। उनका जीवन सेवा, समर्पण और संस्कारों की वह धरोहर है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देती रहेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से संस्कारों का निर्माण और संस्कारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण होता है।
पूज्य स्वामी जी ने कहा कि भारत को भारत की दृष्टि से देखने की आवश्यकता है। अपनी ऐनक बदलेगी तो एंगल बदल जाएंगे और फिर सारे ट्रायएंगल भी बदल जाएंगे। विशेषकर जेन-जी को इस दृष्टि को समझने की आवश्यकता है। हमारे युवाओं को विचारों के वैक्सीन की आवश्यकता है। इस समय इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ रहा है, परंतु इनर स्ट्रक्चर घटता जा रहा है। भारतीय दृष्टि हमें सेल्फ भरने के साथ-साथ शेल्फ स्वयं को भरने की दृष्टि प्रदान करती है। जीवन साधनों से नहीं, बल्कि साधना से महान बनता है। देश ही नहीं, पूरे विश्व को खतरों से बचाने का कार्य यदि कोई कर सकता है, तो वह सनातन संस्कृति है। आज हमारे पास संत दृष्टि को जीने और जानने वाले व्यक्तित्व के रूप में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हैं। उन्होंने कहा कि सनातन से ही हमारी पहचान और हमारी चेतना स्थापित हुई है। सनातन स्वयं एक सेतु है जो हमें हमारी जड़ों से जोड़कर परम सत्य, संस्कृति और समग्र मानवता से जोड़ता है।
पूज्य स्वामी जी ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पौधारोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, शुद्ध वायु और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने आह्वान किया कि हम प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझे और अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर धरती मां के संरक्षण में अपना योगदान दे।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित पौधारोपण अभियान में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। उपस्थित अतिथियों एवं विद्यार्थियों ने पौधारोपण कर प्रकृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवनदाता है।
विशिष्ट जन सम्मान समारोह के माध्यम से समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान किया गया। यह सम्मान समारोह समाज सेवा, शिक्षा, राष्ट्र निर्माण एवं जनकल्याण के क्षेत्र में समर्पित विभूतियों के कार्यों को सम्मानित किया गया।
विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने स्वर्गीय मांगे राम अग्रवाल जी के जीवन, उनके सामाजिक योगदान एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयासों को स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि अपनी दूरदृष्टि, सेवा भावना और सकारात्मक सोच से समाज में व्यापक परिवर्तन ला सकता है।
माननीय विधायक डोईवाला श्री प्रेमचंद अग्रवाल जी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धा, सेवा और संस्कारों का अद्भुत संगम बना। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय मांगे राम अग्रवाल जी का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और उनके आदर्श समाज को नई दिशा प्रदान करते रहेंगे।

पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री भगत सिंह कोश्यारी जी ने भी स्वर्गीय मांगे राम अग्रवाल जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक एवं शैक्षणिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता है, जो अपने जीवन को लोककल्याण के लिए समर्पित करते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी महानुभावों ने शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण और सेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। स्वर्गीय मांगे राम अग्रवाल जी की पुण्य स्मृति में आयोजित यह समारोह उनके आदर्शों को जीवंत रखने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला प्रेरणादायी अवसर बना।
इस अवसर पर श्री अरविंद जी, कथा व्यास, श्री शंभु पासवान जी, मेयर ऋषिकेश, प्रधानाचार्य श्री महेश गुप्ता जी और अनेक विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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