July 28, 2026

10 खाद्य कारोबारकर्ताओं पर कुल ₹2 लाख 65 हजार का जुर्माना

10 खाद्य कारोबारकर्ताओं पर कुल ₹2 लाख 65 हजार का जुर्माना

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दायर वादों में न्यायालय का फैसला, 7 दिन में जुर्माना जमा करने के निर्देश

हरिद्वार।अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) हरिद्वार के न्यायालय द्वारा खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दायर किए गए 10 वादों का निस्तारण करते हुए संबंधित खाद्य कारोबारकर्ताओं पर कुल ₹2 लाख 65 हजार का जुर्माना अधिरोपित किया गया। न्यायालय में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विभिन्न निरीक्षणों के आधार पर 2 खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरुद्ध 2 तथा अन्य मामलों में कुल 8 वाद दायर किए गए थे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन द्वारा विगत कांवड़ मेला 2025 के दौरान हरिद्वार-दिल्ली हाईवे स्थित पंजाबी तड़का रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान नगर निगम क्षेत्र के फूड रजिस्ट्रेशन एवं अन्य प्रतिष्ठानों के पंजीयन से संबंधित प्रकरणों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संचालक पर न्यायालय द्वारा ₹50 हजार का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
इसी क्रम में बहादराबाद कांवड़ पटरी मार्ग स्थित मा शाकुम्भरी भोजनालय द्वारा बिना फूड लाइसेंस के व्यापार करने ,डस्टबिन का प्रयोग न करने, कूड़े का उचित निस्तारण न करने पर उपभोक्ता को पैक किए खाद्य पदार्थ का बिल न दिए जाने पर न्यायालय द्वारा संचालक पर ₹50 हजार का जुर्माना लगाया गया।
दिलीप जैन द्वारा कांवड़ मेला क्षेत्र रानीपुर झाल, हरिद्वार-दिल्ली हाईवे स्थित स्पेशल बर्फी वाला निर्माण प्रतिष्ठान से दिनांक 06.07.2025 को खुला मावा बर्फी का नमूना लिया गया था। जांच में मैदा मिलाए जाने के कारण नमूना अधोमानक पाया गया तथा बिना फूड लाइसेंस के मिठाई निर्माण करने पर संचालक पर ₹5 हजार का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
दिनांक 31.12.2024 को शिवालिक नगर स्थित एक होटल से खुले पनीर का नमूना लिया गया था, जो प्रयोगशाला जांच में फैट की मात्रा कम होने के कारण अधोमानक पाया गया तथा ग्राहकों को दिए जाने वाले बिल में 14 अंखिया लाइसेंस नंबर अंकित न पाए जाने पर न्यायालय द्वारा संचालक पर ₹25 हजार का जुर्माना लगाया गया।
दिनांक 28.05.2025 को तुगलकपुर, खानपुर स्थित मावा/पनीर इकाई से नूर अहमद मावा भण्डार से खुला पनीर का नमूना जांच हेतु लिया गया, जिसमें फैट की मात्रा कम पाए जाने पर न्यायालय द्वारा संचालक पर ₹25 हजार का जुर्माना लगाया गया।
दिनांक 24.09.2025 को झिडियान ग्रांट भगवानपुर स्थित मावा निर्माण इकाई से मावा का नमूना लिया गया। जांच में अधोमानक पाए जाने पर मौके पर 1 क्विंटल मावा नष्ट कराया गया तथा स्किम्ड मिल्क पाउडर एवं वनस्पति के उपयोग से अव्यवस्थित परिस्थितियों में मावा निर्माण किए जाने पर संचालक पर ₹25 हजार का जुर्माना लगाया गया।
दिनांक 23.08.2025 को मां चण्डी देवी मंदिर परिसर स्थित मां जय दुर्गा ढाबा से खुले चावल एवं रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान भोजन निर्माण, मोबाइल फूड वेंडर के फूड रजिस्ट्रेशन, प्रयोगशाला जांच में बेसन का नमूना अधोमानक पाए जाने पर न्यायालय द्वारा संचालक पर ₹25 हजार का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेश पाण्डेय द्वारा दिनांक 09.03.2025 को ग्राम मुंडेत मंगलौर स्थित पनीर निर्माण इकाई बरकत डेयरी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में वनस्पति युक्त एडिबल रिफाइंड तेल का प्रयोग पाए जाने पर पनीर का नमूना जांच हेतु लिया गया, जो अधोमानक पाया गया। न्यायालय द्वारा संचालक पर ₹25 हजार का जुर्माना लगाया गया।
योगेश पाण्डेय द्वारा लालकुर्ती रुड़की स्थित बालाजी स्वीट्स से दिनांक 17.10.2025 को सफेद रसगुल्ला का नमूना लिया गया, जो जांच में अधोमानक पाया गया। न्यायालय द्वारा संचालक पर ₹10 हजार का जुर्माना लगाया गया।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी केशव टंडन द्वारा दिनांक 06.08.2025 को ऋषिकुल विद्यापीठ स्थित सूर्या डेयरी से पनीर का नमूना लिया गया, जो जांच में फैट की मात्रा कम होने के कारण अधोमानक पाया गया। न्यायालय द्वारा संचालक पर ₹25 हजार का जुर्माना लगाया गया।
माननीय न्यायालय द्वारा उपरोक्त सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को 7 दिन के भीतर जुर्माने की राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समयावधि में जुर्माना जमा न करने की स्थिति में राशि की वसूली भू राजस्व के रूप में जुर्माना की राशि वसूली जाएगी।