
देहरादून।
पाक माह रमजान के तीस रोजे के बाद शुक्रवार को ईद-उल-फितर सादगी के साथ मनाई। एक साल तक इंतजार करने के बाद ईद की खुशियां इस बार कोरोना संक्रमण ने कम कर दी। महामारी के कारण ईदगाह व मस्जिद में सिर्फ पांच लोग ने ईद की नमाज पढ़ी। बाकी लोग ने घरों में नमाज अता कर देश की खुशहाली, कोरोना संक्रमण के खात्मे की दुआ मांगी। कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन न हो इसके लिए ईदगाह समेत विभिन्न मस्जिदों के बाहर पुलिस तैनात है। चकराता रोड स्थित ईदगाह में सुबह छह बजे शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी ने ईद की नमाज पढ़ाई। इसके अलावा पलटन बाजार स्थित जामा मस्जिद, जामा मस्जिद धामावाला, मुस्लिम कॉलोनी, चोरवाला, चूना भट्टा, पटेलनगर समेत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मस्जिदों में शारीरिक दूरी बनाकर पांच पांच लोग ने नमाज अता कर रब से खुशहाली की दुआ मांगी। शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी ने सभी से अपील की है कि वैश्विक महामारी को देखते हुए प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करें। एक दूसरे से गले मिलने के बजाए दूर से ही ईद मुबारकबाद दें, दावत में भीड़ न करें, घरों में ही सीमित संख्या में परिवारजनों के साथ इस पर्व को मनाएं।

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