
हरिद्वार। आचार्य बालकृष्ण की अध्यक्षता में रविवार को एक ऑनलाइन-ऑफलाइन गोल मेज चर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें कहा गया कि पतंजलि अनुसंधान संस्थान के लगभग 150 वैज्ञानिकों के प्रयासों से भारतीय किसान तथा कृषि संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए व्यापक योजना तैयार की गई, जिसे नव हरित क्रांति-एन एग्रो विजन पुस्तक में संकलित किया गया है। इस संकलन के माध्यम से कृषि से जुड़ी बुनियादी समस्याओं के निस्तारण, कृषि को सरल बनाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए भावी योजनाओं पर विचार किया गया।
बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि की किसान समृद्धि के तहत भावी योजनाएं हैं। जैविक कृषि प्रशिक्षण से लेकर जैविक खाद, उच्च गुणवत्तायुक्त बीज व उर्वरक न्यून मूल्य पर किसानों को सुलभ कराए हैं। अब तकनीकि क्षेत्र में भी पतंजलि ने किसानों को सहायता करने के लिए आधुनिक एप डेवलप किए हैं जिनकी सहायता से भूमि की जीयो-मैपिंग, जीयो फैंसिंग तथा मौसम का पूर्वानुमान जैसी बुनियादी जानकारियां आसानी से सुलभ हो सकेंगी। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि का उद्देश्य किसानों की आय में अभिवृद्धि करना, कृषि संबंधी डिजीटल समाधान तथा सरकार की सभी योजनाओं का लाभ देश के अंतिम किसान तक पहुचाना है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में ऑनलाइन रूप से भाग लिया।

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