
देहरादून। तेज बारिश और बाढ़ से उत्तराखंड में आई आपदा से प्रभावित हुए इलाकों में गैस और ईंधन की किसी भी हालात में कमी न हो। साथ ही प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाए। यह बातें पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान कहीं। साथ ही अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हर्षिल से लम्खाग पास होते हुए छितकुल हिमाचल की ट्रेकिंग पर लापता हुए 11 पर्यटकों के मामले की जांच कर सर्च ऑपरेशन में तेजी लाई जाए।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न इलाकों में अतिवृष्टि से हुए नुकसान के बीच कई स्थानों पर फंसे पर्यटकों व यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से काम किया जा रहा है। देवभूमि में पर्यटकों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। जबकि प्रभावित इलाकों में तेजी से राहत बचाव का कार्य किया जा रहा है और लोगों की हर संभव मदद की जा रही है। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित इलाकों में किसी भी हालात में गैस और ईंधन की कमी न हो। वहीं इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के साहसिक खेलों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदर्शनी लगाई जाए।
साथ ही उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महाभारत, रामायण और विवेकानंद सर्किट जैसे विभिन्न सर्किटों के साथ अन्य सर्किटों का भी तेजी से प्रसार-प्रसार किया जाए। बैठक में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना में शामिल कैरवान योजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में दिलीप जावलकर सचिव पर्यटन, युगल किशोर पंत अपर सचिव पर्यटन, कर्नल अश्विनी पुंडीर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (साहसिक पर्यटन), ले. कर्नल दीपक खंडूरी निदेशक पर्यटन (अवस्थापना), विवेक सिंह चौहान अपर निदेशक, पूनम चंद अपर निदेशक पर्यटन, योगेंद्र सिंह गंगवार उप निदेशक, वरिष्ठ शोध अधिकारी एसएस सामंत आदि मौजूद रहे।

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