
देहरादून। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तृतीय दिवस पर आज सदन में सदस्यों द्वारा विशेषाधिकार विषय पर प्रश्न उठाया गया, जिस पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने पीठ से विनिश्चय दिया कि यह चिंताजनक है कि इस पीठ से कई बार निर्देश जारी होने के बाद भी सदस्यों को यथोचित प्रोटोकॉल प्राप्त नहीं हो रहा है।
संसदीय लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों को प्रोटोकॉल के अनुसार सम्मान दिया जाना अपेक्षित तो है ही परंतु अपरिहार्य भी है। मैं पुनः शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए निर्देश देता हूं कि सरकार सुनिश्चित करें कि इस सदन के प्रत्येक सदस्य के सम्मान का आदर एवं प्रोटोकॉल उनसे प्रत्येक आचरण में रखा जाए। जहां तक विशेषाधिकार के लंबित प्रकरणों का विषय है शासन उन सभी में जांच आख्या 10 दिन के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, जिन विषयों पर जांच आख्या संतोषजनक नहीं पाई जाएगी उसे विशेषाधिकार समिति को संदर्भित कर दिया जाएग

More Stories
उत्तराखंड में 20 बड़े पुलिस अधिकारियों का तबादला: देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर के SSP भी बदले
जनपद रुद्रप्रयाग को मिला नया नेतृत्व: नव नियुक्त जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने संभाली जनपद की कमान
सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा, यातायात पुलिस हरिद्वार की यातायात जागरूकता मुहिम