
रायपुर।
रमजान में मुस्लिम समुदाय के बीच खजूर की अहमियत काफी बड़ी होती है, रोजेदारों के लिए खजूर से रोजा खोलना सुन्नत माना जाता है, इस साल देश और दुनिया भर में कोरोना का संकट छाया हुआ है, जिसके बीच रमजान का महीना पड़ रहा है, अंग्रेजी अखबार हितवाद रायपुर के यूनिट हेड अनिल पवार ने पिछले 22 साल से रमजान महीने में प्रतिदिन कम से कम एक रोजेदार को रोजा खोलने के लिए खजुर देने का सिलसिला आज भी अनवरत जारी है, खजूर रायपुर के अलावा भिलाई. दुर्ग, नारायणपुर, अम्बिकापुर, बलरामपुर, भोपाल तक रोजेदारों तक भेजा जाता है, इसके अतिरिक्त शहर की मस्जिदों में भी रोजेदार के माध्यम से खजूर देते हैं, खजूर देने की शुरुआत कैसे हुई इस बारे में बताया कि किसी रोजेदार ने बताया था कि रोज़ा खजूर खाकर खोला जाता है। इससे श्री पवार को बहुत प्रसन्नता होती है।

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