
रायपुर।
रमजान में मुस्लिम समुदाय के बीच खजूर की अहमियत काफी बड़ी होती है, रोजेदारों के लिए खजूर से रोजा खोलना सुन्नत माना जाता है, इस साल देश और दुनिया भर में कोरोना का संकट छाया हुआ है, जिसके बीच रमजान का महीना पड़ रहा है, अंग्रेजी अखबार हितवाद रायपुर के यूनिट हेड अनिल पवार ने पिछले 22 साल से रमजान महीने में प्रतिदिन कम से कम एक रोजेदार को रोजा खोलने के लिए खजुर देने का सिलसिला आज भी अनवरत जारी है, खजूर रायपुर के अलावा भिलाई. दुर्ग, नारायणपुर, अम्बिकापुर, बलरामपुर, भोपाल तक रोजेदारों तक भेजा जाता है, इसके अतिरिक्त शहर की मस्जिदों में भी रोजेदार के माध्यम से खजूर देते हैं, खजूर देने की शुरुआत कैसे हुई इस बारे में बताया कि किसी रोजेदार ने बताया था कि रोज़ा खजूर खाकर खोला जाता है। इससे श्री पवार को बहुत प्रसन्नता होती है।

More Stories
ICFRE की महानिदेशक कंचन देवी ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव को मुनस्यारी, पिथौरागढ़ की विशिष्ट कला पायरोग्राफी से बने उत्तराखंड के राजकीय पक्षी मोनाल का चित्र भेंट किया
वन संरक्षण का अर्थ केवल पेड़ लगाना ही नहीं है बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण करना भी है :केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह के देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर पंतनगर एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया