September 8, 2024

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री ने बीएचईएल, वाराणसी में ‘वेल्डिंग स्कूल’ का उद्घाटन किया

हरिद्वार। माननीय केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री, डॉ महेंद्र नाथ पाण्डेय ने बीएचईएल, वाराणसी में स्थापित किए गए एक ‘वेल्डिंग स्कूल’ का उद्घाटन किया। भारी उद्योग मंत्रालय की ‘इंडियन कैपिटल गुड्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि, फेज़ – II’ योजना के अंतर्गत स्थापित की गई यह सुविधा, प्रति वर्ष 1,000 वेल्डरों को विभिन्न वेल्डिंग तकनीकों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान करेगी तथा उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वाराणसी तथा इसके आसपास के युवाओं की रोजगार प्राप्त करने की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वर्चुअल मोड में आयोजित इस समारोह में बीएचईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, डॉ. नलिन सिंघल, बीएचईएल निदेशक मण्डल के निदेशकगण तथा भारी उद्योग मंत्रालय और बीएचईएल के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर बोलते हुए, माननीय भारी उद्योग मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण करना माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन का एक प्रमुख घटक है। चूंकि, इस विजन को साकार करने में विनिर्माण क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी, सरकार पहले ही मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं की शुरूआत कर चुकी है। कैपिटल गुड्स इंडस्ट्री (पूंजीगत वस्तु उद्योग) विनिर्माण क्षेत्र की रीढ़ है। यह उपयोगकर्ता उद्योगों के बड़े समूहों को मशीनरी और उपस्कर जैसे महत्वपूर्ण इनपुट प्रदान करती है। जनशक्ति के कौशल विकास और क्षमता वृद्धि की दिशा में किए जा रहे इस तरह के प्रयास न केवल युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करेंगे बल्कि उद्योगों की आवश्यकताओं को भी पूरा करेंगे। इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्र का सबसे बड़ा केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रम होने के नाते, इस तरह के प्रयासों में बीएचईएल की भूमिका प्रशंसनीय है।

विभिन्न उद्योगों की मांग को पूरा करने के लिए शील्डेड मेटल आर्क वेल्डिंग (SMAW), गैस मेटल आर्क वेल्डिंग (GMAW), गैस टंगस्टन आर्क वेल्डिंग (GTAW) जैसी वेल्डिंग तकनीकों में प्रशिक्षण के अतिरिक्त, इस पाठ्यक्रम में शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण के माध्यम से वेल्डरों के समग्र विकास की भी परिकल्पना की गई है। यह पाठ्यक्रम कार्यस्थल पर संरक्षा, उत्तरदायित्व, स्वच्छता तथा श्रम की गरिमा की मानसिकता जागृत कर वेल्डरों को औद्योगिक और निर्माण परिवेश की कठोर परिस्थितियों के लिए तैयार करेगा।

बीएचईएल के कर्मचारी देश भर के विभिन्न स्थानों से वर्चुअल मोड से कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट भी किया गया जिससे बड़ी संख्या में कर्मचारी ब्रॉडकास्ट मोड के माध्यम से कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देख पाए।