हरिद्वार। अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री पी0एल0 शाह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में मतदेय स्थलों के पुनर्निर्धारण/संशोधन प्रस्तावों पर विचार-विमर्श हेतु एक बैठक आहूत की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी(प्रशा.)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा उपस्थित समस्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को आयोग द्वारा विधान सभा निर्वाचक नामावलियों का 01 जनवरी, 2023 की अर्हता तिथि के आधार विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के सम्बन्ध में अवगत कराया गया, जिसके तहत निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विधान सभा निर्वाचक नामावलियों का 01 जनवरी, 2023 की अर्हता तिथि के आधार पर दिनांक 09.11.2022 को आलेख्य प्रकाशन किया जायेगा तथा दिनांक 09.11.2022 से 08.12.2022 तक दावे/आपत्तियां प्राप्त की जायेंगी। दावे/आपत्तियों के निस्तारण के पश्चात् दिनांक 05.01.2023 को अन्तिम प्रकाशन किया जायेगा। उन्होंने यह भी अवगत कराया गया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वर्तमान में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-14 में संशोधन और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 में संशोधन/परिवर्तनों के फलस्वरूप चार अर्हता तिथियां अर्थात 01 जनवरी, 01 अप्रैल, 01 जुलाई और 01 अक्टूबर हो गये हैं।
श्री पी0एल0 शाह ने बैठक में बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पुनरीक्षण पूर्व गतिविधियों के अन्तर्गत आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों तथा मतदेय स्थलों के लिए मैनुअल-2020 में निहित प्राविधानों के अनुसरण में वर्तमान मतदेय स्थलों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के उपरान्त युक्तिकरण/पुनर्निर्धारण-पुनर्व्यवस्थापन की कार्यवाही के अन्तर्गत निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से प्राप्त मतदेय स्थलों के पुनर्निर्धारण प्रस्तावों के अनुसार विगत विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2022 के दौरान बनाये गये 13 सहायक मतदेय स्थल में से 04 सहायक मतदेय स्थलों व मूल मतदेय स्थल में मतदाताओं की संख्या 1500 या उससे अधिक होने के कारण उक्त 04 सहायक मतदेय स्थलों को नये मतदेय स्थल में परिवर्तित करने का प्रस्ताव है तथा 09 सहायक मतदेय स्थलों व मूल मतदेय स्थलों में मतदाताओं की संख्या-1400 से कम होने के कारण उक्त 09 सहायक मतदेय स्थलों को मूल मतदेय स्थलों में समाविष्ट/समायोजित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त एक ही भवन में स्थापित 76 मतदेय स्थलों के मतदाताओं को परस्पर विलय करने पर उनमें मतदाताओं की संख्या-1500 से कम होने के कारण समायोजित करने का प्रस्ताव है। इस प्रकार एक ही भवन में एक से अधिक मतदेय स्थलों को मतदाताओं की अधिकतम संख्या अथवा अन्य विभिन्न कारणों से विलय करने के फलस्वरूप जहाँ एक ओर मतदेय स्थल कम हो जाएंगे वहीं दूसरी ओर मतदेय स्थल कम होने से विभिन्न व्यवस्थायें एवं वित्तीय भार में भी कमी आ जाएगी। इन समस्त मतदेय स्थलों के संशोधन प्रस्तावों पर उपस्थित समस्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा अपनी सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इसके अतिरिक्त भारत निर्वाचन आयोग द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि निर्वाचक नामावली प्रमाणीकरण के लिए स्वैछिक आधार पर सभी निर्वाचकों से आधार संग्रह किये जाने हेतु नया प्रारूप-6 ख जारी किया गया है। वर्तमान निर्वाचकों से आधार संग्रह करने का उद्देश्य निर्वाचकों की पहचान स्थापित करना है और निर्वाचक नामावली में प्रविष्टियों का प्रमाणीकरण तथा एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र या एक ही निर्वाचन क्षेत्र में एक से अधिक बार के पंजीकरण की पहचान करना है। आज की तिथि तक जनपद में 70.98 प्रतिशत मतदाताओं के आधार लिंक किये जा चुके हैं।
श्री पी0एल0 शाह ने बैठक में समस्त मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से प्रत्येक मतदेय स्थल हेतु अपने बूथ स्तरीय अभिकर्ता की नियुक्त करते हुए सूची इस कार्यालय को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
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