
उत्तरकाशी।
कोरोनाकाल में विगत दो वर्षों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में धरातल पर कार्य कर रहीं आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स का गुस्सा सीएम तीरथ रावत के सामने फूट पड़ा। सीएम तीरथ सिंह रावत जब नौगांव सीएचसी का निरीक्षण कर रहे थे, उसी समय बड़ी संख्या में आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स सीएम का सुरक्षा घेरा तोड़कर उनके पास जा पहुंचीं। इन लोगों ने अपना मानदेय सहित कोविड में किसी प्रकार की सुविधाएं न मिलने की शिकायत सीएम के सामने रखी। गुस्साईं आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स ने सीएम से कहा कि कोविड काल में वह ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी क्षेत्रों में लगातार धरातल पर कार्य कर रहीं हैं। कई बार कोविड के मरीजों के सम्पर्क में आ रही हैं, लेकिन विभाग की ओर से उन्हें मास्क और सैनिटाइजर तक नहीं दिये गये हैं। वहीं, आशा वर्कर्स ने कहा कि वह साल 2007 से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रही हैं। अभी तक उनका मानदेय निर्धारित नहीं किया है। इस पर सीएम ने आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों को समझाने की कोशिश की। सीएम ने कहा कि आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स के लिए 1,000 पारितोषिक की फाइल तैयार हो चुकी है। साथ ही कहा कि मानदेय पर जल्द ही विचार किया जाएगा।

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