विधायक क़ाज़ी निज़ामुद्दीन के नाबालिग़ पुत्र ने जनप्रतिनिधियों को दिखाया आईना

हरिद्वार/मंगलौर। विधायक क़ाज़ी निज़ामुद्दीन के नाबालिग़ पुत्र ने वो कर दिखाया जो करना आसान नही है। क़ाज़ी सिराजुद्दीन मंगलौर से कांग्रेस के तेज़ तरार विधायक क़ाज़ी निज़ामुद्दीन के पुत्र हैं। नाकारा जनप्रतिनिधियों को नाबालिग़ ने  आईना दिखाया। काज़ी सिराजुद्दीन कोविड के वक्त में मंगलौर से कांग्रेस विधायक पिता काज़ी निजामुद्दीन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जनता की सेवा में जुटे हैं। 16 वर्ष के काज़ी सिराजुद्दीन अजमेर के एक निजी स्कूल में 10 वी कक्षा के छात्र हैं, लेकिन कोविड के चलते सिराज घर आ गये। कोरोना से राज्य के हाल बेहाल देखकर सिराजुद्दीन घर नही बैठे, बल्कि विधायक पिता के साथ उनसे जिद कर जनता की मदद करने को खुद भी मैदान में उतर गये। जरूरतमन्दो के लिये ऑक्सीजन उपलब्ध कराना, कोविड सेंटर बनवाना, इसके साथ ही सेंटर में ऑक्सीजन पाईप लाईन के जरिए कैसे एक साथ 5 लोगो को ऑक्सीजन मिल सकती हैं, ये आईडिया सिराजुद्दीन ने ही दिया था। वही क्षेत्र का सेनेटाइजेशन कराना, संक्रमित व्यक्तयों को अस्पताल ले जाना, दवाईया उपलब्ध कराना। सिराजुद्दीन पूरी जिम्मेदारी से वो कर रहें है जो भयानक संक्रमण के बीच करना किसी के लिए भी आसान नही है।
आज के वक्त में कोई साधारण पिता भी अपने नाबालिग़ बेटे को संक्रमण के बीच नही जाने देगा, फिर क़ाज़ी सिराजुद्दीन तो बड़े राजनीतिक परिवार में पले बढ़े हैं। लेकिन अब इन सब से अलग 16 वर्ष के नाबालिग़ सिराजुद्दीन जनता की सेवा में दिन रात जुटे हैं औऱ सिराजुद्दीन जनता के चुने हुए लापरवाह जन प्रतिनिधियों को आईना दिखा रहे हैं, जो जनता के वोट पर सत्ता का आनंद लेते हैं, लेकिन जनता के दुःख जरूरत में काम नही आते हैं।

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